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अहंकार करने वाले मनुष्य का पतन निश्चित : अनुभूति माता
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-बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में हुआ भक्तांबर महामंडल विधान
फोटो-केकेआर-दो
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में बुधवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान की विशेष पूजा अर्चना की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य मोह माया के जाल में फंसकर दुखों से घिरा रहता है। जब तक मनुष्य मोह माया में रहेगा, तब तक शांत जीवन नहीं जी सकता। माता ने अहंकार न करने और जन्म-मृत्यु के सत्य को याद रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर त्रिलोक चंद जैन, राजीव जैन, श्यामलाल जैन, नितिन जैन और अभिषेक जैन उपस्थित रहे।
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फोटो-केकेआर-दो
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में बुधवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान की विशेष पूजा अर्चना की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य मोह माया के जाल में फंसकर दुखों से घिरा रहता है। जब तक मनुष्य मोह माया में रहेगा, तब तक शांत जीवन नहीं जी सकता। माता ने अहंकार न करने और जन्म-मृत्यु के सत्य को याद रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर त्रिलोक चंद जैन, राजीव जैन, श्यामलाल जैन, नितिन जैन और अभिषेक जैन उपस्थित रहे।