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Baghpat News: एक करोड़ रुपये एडवांस लेकर दूसरे को कर दिया जमीन का इकरारनामा
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बागपत। दिल्ली के सूरजमल विहार निवासी कारोबारी पीयूष अग्रवाल से एक करोड़ रुपये एडवांस लेने के बाद किसानों ने दिल्ली के उमेश जैन के नाम इकरारनामा कर दिया। इसमें न्यायालय के आदेश पर मंगलवार रात पुलिस ने मीतली निवासी नीरज, जितेंद्र, विद्यावती, सुभाष, दूसरे जितेंद्र, दिल्ली के कृष्णानगर निवासी उमेश जैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
दिल्ली के सूरजमल विहार निवासी पीयूष अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2023 में जमीन खरीदने के लिए प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र से मिला, जिन्होंने हबीबपुर माजरा गांव के जंगल में जमीन दिखाकर सस्ती जमीन दिलवाने की बात कही। इसके बाद दुर्गा इंडस्ट्रीयल टाऊन पर बुलाकर 70 लाख रुपये बीघा जमीन बताकर अपना दो फीसदी कमीशन अलग से तय किया। उन्होंने 40 लाख रुपये जितेंद्र को एडवांस दे दिए, जो उन्होंने किसानों को दे दिए। जितेंद्र ने किसानों की जमीन के दस्तावेज भेज दिए। इसके बाद जितेंद्र के कहने पर जमीन के मालिक नीरज, जितेंद्र, विद्यावती और सुभाष के खाते में 60 लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए।
कुछ दिन बाद बाकी रकम लेकर जमीन का बैनामा कराने के लिए कहा तो जितेंद्र ने कुछ दिन बाद बैनामा कराने की जिम्मेदारी ली। इसके बाद जितेंद्र ने किसानों के मन में लालच आने की बात कही। दिसंबर 2025 को पता चला कि किसानों ने उस जमीन का इकरारनामा दिल्ली के उमेश जैन के नाम कर दिया। साथ ही उनके एडवांस के रुपये वापस लौटाने से भी मना कर दिया। इसकी शिकायत कोतवाली में की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसमें जांच अधिकारी ब्रजेश कुमार का कहना है कि महिला समेत छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, इसमें जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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दिल्ली के सूरजमल विहार निवासी पीयूष अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2023 में जमीन खरीदने के लिए प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र से मिला, जिन्होंने हबीबपुर माजरा गांव के जंगल में जमीन दिखाकर सस्ती जमीन दिलवाने की बात कही। इसके बाद दुर्गा इंडस्ट्रीयल टाऊन पर बुलाकर 70 लाख रुपये बीघा जमीन बताकर अपना दो फीसदी कमीशन अलग से तय किया। उन्होंने 40 लाख रुपये जितेंद्र को एडवांस दे दिए, जो उन्होंने किसानों को दे दिए। जितेंद्र ने किसानों की जमीन के दस्तावेज भेज दिए। इसके बाद जितेंद्र के कहने पर जमीन के मालिक नीरज, जितेंद्र, विद्यावती और सुभाष के खाते में 60 लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए।
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कुछ दिन बाद बाकी रकम लेकर जमीन का बैनामा कराने के लिए कहा तो जितेंद्र ने कुछ दिन बाद बैनामा कराने की जिम्मेदारी ली। इसके बाद जितेंद्र ने किसानों के मन में लालच आने की बात कही। दिसंबर 2025 को पता चला कि किसानों ने उस जमीन का इकरारनामा दिल्ली के उमेश जैन के नाम कर दिया। साथ ही उनके एडवांस के रुपये वापस लौटाने से भी मना कर दिया। इसकी शिकायत कोतवाली में की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसमें जांच अधिकारी ब्रजेश कुमार का कहना है कि महिला समेत छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, इसमें जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।