{"_id":"69ced0a4ff3eb42a030fd64d","slug":"tolls-are-rising-while-amenities-are-disappearing-baghpat-news-c-28-1-smrt1003-149356-2026-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: टोल बढ़ता जा रहा, सुविधाएं खत्म हो रहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: टोल बढ़ता जा रहा, सुविधाएं खत्म हो रहीं
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत/बड़ौत। टोल प्लाजा पर हर साल वाहन चालकों पर बोझ डालते हुए टोल बढ़ा दिया जाता मगर सुविधाएं खत्म हो रही हैं। जिवाना व बालैनी टोल प्लाजा पर यही हालात है। वहां शौचालय, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी यात्रियों को नहीं मिल रही हैं, जबकि दिल्ली-सहारनपुर व मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे से रोजाना करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं।
जिवाना टोल प्लाजा पर बने शौचालयों की हालत बेहद खराब है। नियमित सफाई न होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे लोग उनका इस्तेमाल करना तो दूर, उनके अंदर तक नहीं जा पाते हैं। वहीं पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे यात्रियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई स्थानों पर विद्युत लाइन के बोर्ड टूटे पड़े हैं और वहां करंट लगने से हादसा हो सकता है। रोशनी की समुचित व्यवस्था नहीं है और रात के समय टोल प्लाजा के आसपास अंधेरा छा जाता है।
यह स्थिति तब है, जब जिवाना टोल से प्रतिदिन पचास हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं और नियमित रूप से टोल वसूला जाता है। इसके बावजूद सुविधाओं की कमी यात्रियों में नाराजगी बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से टोल प्लाजा पर सफाई, पेयजल और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
बालैनी टोल पर भी स्थिति खराब
बालैनी टोल पर वाहन चालकों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की हालत भी खराब है। यहां रुकने के लिए रेस्ट रूम की हालत भी खराब है। रेस्ट रूम में कोई व्यवस्था नहीं है। शौचालय के पास प्रकाश की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। ऐसे में वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए वहां कोई वाहन चालक रुकता है तो वह शौचालय इस्तेमाल नहीं कर पाता है। इसपर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ये बोले लोग
टोल तो हर बार बढ़ा दिया जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। शौचालय टूट पड़े हैं और गंदे हैं। पानी की भी व्यवस्था नहीं मिलती। यहां सुविधाएं मिलनी चाहिए। सचिन
शौचालय में बिजली के कई बोर्ड टूटे हुए हैं। महिला यात्रियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। शौचालय पहले ही ठीक नहीं है और अंधेरे के कारण शौच के दौरान अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। रवींद्र
टोल प्लाजा पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। वाहन चालकों को परेशानी होती है। शौचालय नहीं हैं और पेयजल की कोई सुविधा तक नहीं की गई है। टोल पर सुविधाएं बेहतर की जाएं। अन्नु मलिक
--
टोल प्लाजा पर पेयजल होना जरूरी है तो शौचालय भी ठीक होने चाहिए। टोल पर इस तरह की समस्याएं हैं तो वहां जांच कराई जाएगी और वाहन चालकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई
Trending Videos
जिवाना टोल प्लाजा पर बने शौचालयों की हालत बेहद खराब है। नियमित सफाई न होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे लोग उनका इस्तेमाल करना तो दूर, उनके अंदर तक नहीं जा पाते हैं। वहीं पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे यात्रियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई स्थानों पर विद्युत लाइन के बोर्ड टूटे पड़े हैं और वहां करंट लगने से हादसा हो सकता है। रोशनी की समुचित व्यवस्था नहीं है और रात के समय टोल प्लाजा के आसपास अंधेरा छा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह स्थिति तब है, जब जिवाना टोल से प्रतिदिन पचास हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं और नियमित रूप से टोल वसूला जाता है। इसके बावजूद सुविधाओं की कमी यात्रियों में नाराजगी बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से टोल प्लाजा पर सफाई, पेयजल और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
बालैनी टोल पर भी स्थिति खराब
बालैनी टोल पर वाहन चालकों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की हालत भी खराब है। यहां रुकने के लिए रेस्ट रूम की हालत भी खराब है। रेस्ट रूम में कोई व्यवस्था नहीं है। शौचालय के पास प्रकाश की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। ऐसे में वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए वहां कोई वाहन चालक रुकता है तो वह शौचालय इस्तेमाल नहीं कर पाता है। इसपर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ये बोले लोग
टोल तो हर बार बढ़ा दिया जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। शौचालय टूट पड़े हैं और गंदे हैं। पानी की भी व्यवस्था नहीं मिलती। यहां सुविधाएं मिलनी चाहिए। सचिन
शौचालय में बिजली के कई बोर्ड टूटे हुए हैं। महिला यात्रियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। शौचालय पहले ही ठीक नहीं है और अंधेरे के कारण शौच के दौरान अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। रवींद्र
टोल प्लाजा पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। वाहन चालकों को परेशानी होती है। शौचालय नहीं हैं और पेयजल की कोई सुविधा तक नहीं की गई है। टोल पर सुविधाएं बेहतर की जाएं। अन्नु मलिक
टोल प्लाजा पर पेयजल होना जरूरी है तो शौचालय भी ठीक होने चाहिए। टोल पर इस तरह की समस्याएं हैं तो वहां जांच कराई जाएगी और वाहन चालकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई