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Baghpat News: अधिवक्ता ने आत्मदाह का प्रयास करते हुए तहसीलदार, दो दरोगा समेत सात के ऊपर डीजल डाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। एडीएम न्यायालय के आदेश पर मंगलवार शाम को शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर दुकान खाली कराने गए तहसीलदार अभिषेक सिंह और पुलिसकर्मियों के सामने किराएदार सोमनाथ के बेटे अधिवक्ता उमेश ने आत्मदाह का प्रयास किया। तहसीलदार व दो दरोगाओं समेत सात लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने इनके ऊपर भी डीजल डाल दिया। पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से माचिस छीनकर आत्मदाह करने से रोका।
एडीएम न्यायालय के आदेश पर दुकानों को खाली कराने के लिए मंगलवार को तहसीलदार अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर पहुंचे और दुकान खाली कराने लगे। बताया गया कि दुकान शहनाज खुसरो की है, जो उन्होंने सोमनाथ को वर्ष 1967 में किराए पर दी थी। अब वह अपनी दुकान खाली कराने चाहते थे और दुकान खाली करने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन दुकान खाली नहीं की। इसके बाद दूसरे व्यक्ति को किराए पर दे दी गई, जो उसमें ढाबा चला रहा था।
वर्ष 2013 में शहनाज खुसरो पक्ष की तरफ से एडीएम न्यायालय में वाद दायर कराया गया। इसमें सुनवाई के बाद शहनाज खुसरो के पक्ष में एक सप्ताह पहले फैसला सुनाया और दुकान खाली कराने के आदेश जारी कर दिए। तहसीलदार और पुलिसकर्मी दुकान खाली कराने लगे तो वहां आए किराएदार उमेश ने विरोध करते हुए हंगामा किया। इसको लेकर तहसीलदार के साथ नोकझोंक हो गई, तभी किराएदार सोमनाथ के बेटे अधिवक्ता उमेश ने आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए बोतल से खुद पर डीजल छिड़कना शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से बोतल और माचिस छीनने का प्रयास किया तो डीजल तहसीलदार, दरोगा सारिक, मनजीत, सिपाही संदीप समेत सात लोगों के ऊपर भी डाल दिया। पुलिसकर्मी हंगामा कर रहे अधिवक्ता उमेश, ढाबा संचालक विक्की समेत कई लोगों को पकड़कर कोतवाली ले जाने लगे। इस पर अधिवक्ता की पत्नी व अन्य परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। इसके बाद तहसीलदार ने दुकान पर सील लगा दी।
-ढाबे पर भट्ठी जली होती तो हो सकता था बड़ा हादसा
ढाबे पर इस समय गैस सिलिंडर नहीं होने के कारण भट्ठी जलाई जा रही थी। जिस समय वहां हंगामा हुआ और सभी के ऊपर डीजल डाला गया, तब वहां भट्ठी बंद थी। भट्ठी जली होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस तरह हादसा होने से बच गया।
-दूसरी दुकान भी खाली कराई
राष्ट्र वंदना चौक पर हंगामे के बाद तहसीलदार अभिषेक सिंह मेरठ रोड पर दूसरी दुकान खाली कराने पहुंच गए। वहां पर मामूली विरोध के बाद दुकान खाली करा दी गई। इसके बाद देर रात तीसरी दुकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
वर्जन-
न्यायालय में मामला चल रहा था। इसमें तीन दुकानों को खाली कराने के आदेश जारी किए गए थे। किराएदार और उसके परिवार वालों ने हंगामा किया। इसमें कार्रवाई कराई जाएगी। -अभिषेक सिंह, तहसीलदार, बागपत।
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बागपत। एडीएम न्यायालय के आदेश पर मंगलवार शाम को शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर दुकान खाली कराने गए तहसीलदार अभिषेक सिंह और पुलिसकर्मियों के सामने किराएदार सोमनाथ के बेटे अधिवक्ता उमेश ने आत्मदाह का प्रयास किया। तहसीलदार व दो दरोगाओं समेत सात लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने इनके ऊपर भी डीजल डाल दिया। पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से माचिस छीनकर आत्मदाह करने से रोका।
एडीएम न्यायालय के आदेश पर दुकानों को खाली कराने के लिए मंगलवार को तहसीलदार अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर पहुंचे और दुकान खाली कराने लगे। बताया गया कि दुकान शहनाज खुसरो की है, जो उन्होंने सोमनाथ को वर्ष 1967 में किराए पर दी थी। अब वह अपनी दुकान खाली कराने चाहते थे और दुकान खाली करने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन दुकान खाली नहीं की। इसके बाद दूसरे व्यक्ति को किराए पर दे दी गई, जो उसमें ढाबा चला रहा था।
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वर्ष 2013 में शहनाज खुसरो पक्ष की तरफ से एडीएम न्यायालय में वाद दायर कराया गया। इसमें सुनवाई के बाद शहनाज खुसरो के पक्ष में एक सप्ताह पहले फैसला सुनाया और दुकान खाली कराने के आदेश जारी कर दिए। तहसीलदार और पुलिसकर्मी दुकान खाली कराने लगे तो वहां आए किराएदार उमेश ने विरोध करते हुए हंगामा किया। इसको लेकर तहसीलदार के साथ नोकझोंक हो गई, तभी किराएदार सोमनाथ के बेटे अधिवक्ता उमेश ने आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए बोतल से खुद पर डीजल छिड़कना शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से बोतल और माचिस छीनने का प्रयास किया तो डीजल तहसीलदार, दरोगा सारिक, मनजीत, सिपाही संदीप समेत सात लोगों के ऊपर भी डाल दिया। पुलिसकर्मी हंगामा कर रहे अधिवक्ता उमेश, ढाबा संचालक विक्की समेत कई लोगों को पकड़कर कोतवाली ले जाने लगे। इस पर अधिवक्ता की पत्नी व अन्य परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। इसके बाद तहसीलदार ने दुकान पर सील लगा दी।
-ढाबे पर भट्ठी जली होती तो हो सकता था बड़ा हादसा
ढाबे पर इस समय गैस सिलिंडर नहीं होने के कारण भट्ठी जलाई जा रही थी। जिस समय वहां हंगामा हुआ और सभी के ऊपर डीजल डाला गया, तब वहां भट्ठी बंद थी। भट्ठी जली होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस तरह हादसा होने से बच गया।
-दूसरी दुकान भी खाली कराई
राष्ट्र वंदना चौक पर हंगामे के बाद तहसीलदार अभिषेक सिंह मेरठ रोड पर दूसरी दुकान खाली कराने पहुंच गए। वहां पर मामूली विरोध के बाद दुकान खाली करा दी गई। इसके बाद देर रात तीसरी दुकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
वर्जन-
न्यायालय में मामला चल रहा था। इसमें तीन दुकानों को खाली कराने के आदेश जारी किए गए थे। किराएदार और उसके परिवार वालों ने हंगामा किया। इसमें कार्रवाई कराई जाएगी। -अभिषेक सिंह, तहसीलदार, बागपत।