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यज्ञ सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का सर्वश्रेष्ठ साधन : गुरुवचन शास्त्री
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-बरनावा के लाक्षागृह टीले पर स्थित संस्कृत विद्यालय में आठ दिवसीय महायज्ञ शुरू
फोटो-एक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में रविवार को आठ दिवसीय विश्व कल्याणार्थ ब्रह्मपारायण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ शुरू हुआ। वहां श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति की कामना की।
यज्ञ का शुभारंभ गांधी धाम समिति के प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी ने संयुक्त रूप से ओम पताका का ध्वजारोहण कर किया। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ संपन्न कराया। आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा यज्ञ संसार में कल्याण आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का सर्वश्रेष्ठ साधन है। यह मन, वचन और कर्म की पवित्रता के साथ परमात्मा की उपासना करने का माध्यम है। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि यज्ञ का वास्तविक अर्थ मन को पवित्र, वाणी को मधुर और निस्वार्थ कार्य करना है। रोजाना यज्ञ करने से मानसिक शुद्धि और पर्यावरण भी शुद्ध होता है। यज्ञ में डॉ. चंद्रवीर राणा, डॉ. शिवकुमार, आचार्य प्रेमपाल शास्त्री, आचार्य देवेंद्र कुमार शास्त्री, सौदान शास्त्री, डॉ. अनिल कुमार, पूर्व जीएम चंद्रहास आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में रविवार को आठ दिवसीय विश्व कल्याणार्थ ब्रह्मपारायण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ शुरू हुआ। वहां श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति की कामना की।
यज्ञ का शुभारंभ गांधी धाम समिति के प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी ने संयुक्त रूप से ओम पताका का ध्वजारोहण कर किया। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ संपन्न कराया। आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा यज्ञ संसार में कल्याण आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का सर्वश्रेष्ठ साधन है। यह मन, वचन और कर्म की पवित्रता के साथ परमात्मा की उपासना करने का माध्यम है। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि यज्ञ का वास्तविक अर्थ मन को पवित्र, वाणी को मधुर और निस्वार्थ कार्य करना है। रोजाना यज्ञ करने से मानसिक शुद्धि और पर्यावरण भी शुद्ध होता है। यज्ञ में डॉ. चंद्रवीर राणा, डॉ. शिवकुमार, आचार्य प्रेमपाल शास्त्री, आचार्य देवेंद्र कुमार शास्त्री, सौदान शास्त्री, डॉ. अनिल कुमार, पूर्व जीएम चंद्रहास आदि मौजूद रहे।
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