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Bahraich News: मोबाइल हैक कर ठगे 1.49 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:24 AM IST
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रुपईडीहा। कस्बा निवासी एक व्यवसायी का मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने उसके नाम पर रिश्तेदारों से 1.49 लाख रुपये ठग लिए। मामले की जानकारी होने पर व्यवसायी ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कस्बा निवासी कृष्ण मोहन आरओ पानी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले उनके मोबाइल पर एक अज्ञात एप्लिकेशन भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने उस एप्लिकेशन को खोला, उनका मोबाइल हैक हो गया।
शुरुआत में उन्हें इसकी जानकारी नहीं हो सकी। इसके बाद ठगों ने उस एप्लीकेशन से उनके तीन रिश्तेदारों को फोन कर उनकी बीमारी और एक्सीडेंट का हवाला देकर एक रिश्तेदार से एक लाख, दूसरे से 25 हजार और तीसरे रिश्तेदार से 24 हजार रुपये ठग लिए।
रिश्तेदारों से इसकी जानकारी होने पर कृष्ण मोहन के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत सभी परिचितों को सचेत किया और किसी को भी पैसे न भेजने की अपील की। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई और थाना रुपईडीहा में भी तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि पीड़ित व्यवसायी के मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान लिंक या एप्लिकेशन को खोलने से बचें।
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किसान निधि के नाम पर भेजी एपीके फाइल
रुपईडीहा और आसपास के इलाकों में किसान निधि के नाम पर एक एपीके फाइल भेज कर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसी किसान निधि के एप्लीकेशन को क्लिक करके कृष्ण मोहन भी ठगी का शिकार हुए हैं।
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ऐसे ठगी करते हैं जालसाज
-फर्जी लिंक या एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लेते हैं।
-बैंक या सरकारी योजना के नाम पर भरोसा जीतते हैं।
-ओटीपी या निजी जानकारी हासिल कर खाते से पैसे निकालते हैं।
-परिचित बनकर इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मंगाते हैं।
-सोशल मीडिया/फोन के जरिये पहचान बनाकर धोखा देते हैं।
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बचाव के उपाय
किसी भी अनजान लिंक या एप को डाउनलोड न करें।
ओटीपी, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें।
संदिग्ध कॉल या मेसेज पर तुरंत सतर्क रहें।
केवल आधिकारिक एप ही डाउनलोड करें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
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कस्बा निवासी कृष्ण मोहन आरओ पानी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले उनके मोबाइल पर एक अज्ञात एप्लिकेशन भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने उस एप्लिकेशन को खोला, उनका मोबाइल हैक हो गया।
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शुरुआत में उन्हें इसकी जानकारी नहीं हो सकी। इसके बाद ठगों ने उस एप्लीकेशन से उनके तीन रिश्तेदारों को फोन कर उनकी बीमारी और एक्सीडेंट का हवाला देकर एक रिश्तेदार से एक लाख, दूसरे से 25 हजार और तीसरे रिश्तेदार से 24 हजार रुपये ठग लिए।
रिश्तेदारों से इसकी जानकारी होने पर कृष्ण मोहन के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत सभी परिचितों को सचेत किया और किसी को भी पैसे न भेजने की अपील की। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई और थाना रुपईडीहा में भी तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि पीड़ित व्यवसायी के मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान लिंक या एप्लिकेशन को खोलने से बचें।
किसान निधि के नाम पर भेजी एपीके फाइल
रुपईडीहा और आसपास के इलाकों में किसान निधि के नाम पर एक एपीके फाइल भेज कर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसी किसान निधि के एप्लीकेशन को क्लिक करके कृष्ण मोहन भी ठगी का शिकार हुए हैं।
ऐसे ठगी करते हैं जालसाज
-फर्जी लिंक या एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लेते हैं।
-बैंक या सरकारी योजना के नाम पर भरोसा जीतते हैं।
-ओटीपी या निजी जानकारी हासिल कर खाते से पैसे निकालते हैं।
-परिचित बनकर इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मंगाते हैं।
-सोशल मीडिया/फोन के जरिये पहचान बनाकर धोखा देते हैं।
बचाव के उपाय
किसी भी अनजान लिंक या एप को डाउनलोड न करें।
ओटीपी, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें।
संदिग्ध कॉल या मेसेज पर तुरंत सतर्क रहें।
केवल आधिकारिक एप ही डाउनलोड करें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।