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Bahraich News: कैशलेस इलाज सुविधा से शिक्षक समुदाय को बड़ी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:30 AM IST
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बहराइच। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों व शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के फैसले से जिले में खुशी की लहर है। लंबे समय से इलाज के खर्च के बोझ से जूझ रहे शिक्षक वर्ग को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था जल्द लागू होती है तो हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और इलाज के दौरान आर्थिक संकट की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार के इस फैसले से जिले के शिक्षकों को कैशलेस इलाज सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इसमें रसोइयों और वित्तविहीन शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। इससे लंबे समय से इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी झेल रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार से इसे जल्द लागू करने की मांग भी की।
जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने इसे सरकार की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत शिक्षा, रसोइया और शिक्षामित्र लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे थे। सरकार द्वारा इसे लागू करने का निर्णय शिक्षक समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री विजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देना स्वागत योग्य कदम है। हालांकि उन्होंने कहा कि शासनादेश का विस्तृत अध्ययन होने के बाद ही व्यवस्था की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने मांग की कि सरकार राज्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी समान कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करे।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश प्रवक्ता शिव श्याम मिश्र ने कहा कि शिक्षामित्र वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगे हैं, लेकिन अब भी कम मानदेय और असुरक्षित सेवा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज सुविधा में शामिल करना सराहनीय है। साथ ही उन्होंने लंबित मांगों के जल्द समाधान की उम्मीद जताई।
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माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार के इस फैसले से जिले के शिक्षकों को कैशलेस इलाज सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इसमें रसोइयों और वित्तविहीन शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। इससे लंबे समय से इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी झेल रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार से इसे जल्द लागू करने की मांग भी की।
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जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने इसे सरकार की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत शिक्षा, रसोइया और शिक्षामित्र लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे थे। सरकार द्वारा इसे लागू करने का निर्णय शिक्षक समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री विजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देना स्वागत योग्य कदम है। हालांकि उन्होंने कहा कि शासनादेश का विस्तृत अध्ययन होने के बाद ही व्यवस्था की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने मांग की कि सरकार राज्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी समान कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करे।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश प्रवक्ता शिव श्याम मिश्र ने कहा कि शिक्षामित्र वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगे हैं, लेकिन अब भी कम मानदेय और असुरक्षित सेवा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज सुविधा में शामिल करना सराहनीय है। साथ ही उन्होंने लंबित मांगों के जल्द समाधान की उम्मीद जताई।
