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Bahraich News: झुंडी गांव के चार घर सरयू में समाए, दहशत

Fri, 17 Jul 2026 12:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:09 AM IST
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Four houses in Jhundi village swallowed by the Saryu; panic prevails.
झुुंडी गांव में सरयू नदी की कटान में समाहित होता पक्का मकान।
शिवपुर। सरयू नदी का रौद्र रूप एक बार फिर झुंडी गांव पर कहर बनकर टूट पड़ा है। बुधवार रात से बृहस्पतिवार शाम तक कटान से चार घर नदी में समा गए। हालात इतने भयावह हैं कि लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई से बने मकानों को खुद ही तोड़ने में जुट गए हैं, ताकि इससे निकली ईंट व सरिया आदि का दूसरी जगह इस्तेमाल कर सकें।
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विकासखंड शिवपुर की ग्राम पंचायत चौकसाहार के झुंडी गांव में पिछले वर्ष भी सरयू नदी 52 से अधिक मकानों को अपने आगोश में ले चुकी थी। गांव में सिर्फ 18 मकान बचे हैं। अब नदी की लहरें उन्हें भी लीलने को बेताब दिख रही हैं। कटान तेज होने से राममूरत, रामसूरत, अवध बिहारी और राम सहारे के मकान नदी में कट कर समाहित हो रहे हैं। अवध बिहारी और राम सहारे अपने बचे मकान के हिस्से को स्वयं तोड़ रहे हैं, जबकि राममूरत के मकान की छत बुधवार रात नदी में ढह गई और शेष हिस्सा भी कटान की जद में है। कटान से प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे भविष्य की चिंता में दिन-रात गुजार रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद प्रशासनिक मदद समय पर नहीं पहुंच रही है।
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ग्रामीण बोले, कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा
गांव निवासी राममूरत ने बताया, बुधवार रात करीब 12 बजे मेरे मकान का हिस्सा नदी में समा गया। लेखपाल को सूचना दी, लेकिन अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। संजय कुमार यादव ने बताया कि लेखपाल कहते हैं कि जब तक मकान पूरी तरह नदी में न समाने लगे, तब तक उसे मत तोड़ो, नहीं तो सरकारी सहायता नहीं मिलेगी। इसी डर से लोग आखिरी समय तक इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। परशुराम ने बताया कि मेरा घर भी नदी के बिल्कुल किनारे है और कभी भी गिर सकता है। गांव में केवल एक टूटी हुई नाव है, जिसमें चार से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकते। यदि कोई बड़ी घटना हुई तो लोगों को निकालना भी मुश्किल होगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
क्षेत्रीय लेखपाल राजकुमार वर्मा ने बताया कि उन्होने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया है। हालांकि प्रभावित ग्रामीणों का दावा है कि उनके घर तक कोई भी राजस्व कर्मी नहीं पहुंचा है। वहीं उपजिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी ने कहा कि उन्हें कटान की जानकारी मिली है, राजस्व टीम को गांव में लगाया गया है, लेकिन अगर राजस्व कर्मी कटान प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंचे हैं तो मामले की जांच कर हीलाहवाली बरतने वाले राजस्वकर्मी पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि जिन परिवारों के मकान नदी में समाहित हुए हैं, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
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