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Bahraich News: हत्या के चौथे दोषी को भी उम्रकैद की सजा

Tue, 18 Aug 2026 11:40 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:40 PM IST
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Fourth convict in murder case also sentenced to life imprisonment.
बहराइच। रुपईडीहा थाना क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व खेत में सिर कटा शव मिलने के मामले में अदालत ने चौथे दोषी को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त मेराज को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उस पर 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में तीन अन्य दोषियों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि मेराज के बालिग होने की स्थिति को लेकर उसका प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड से बाल न्यायालय भेजा गया था।
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मामला 09 मार्च 2020 का है। वादी मुकदमा जमींदार चौकीदार ने थाना रुपईडीहा में सूचना दी थी कि वह अपने घर ग्राम चिकनिया जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने नहर के दक्षिण दिशा में शव पड़े होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर गांव के खेत में महिला का सिर कटा शव पड़ा मिला। सिर तलाशने के बावजूद नहीं मिला। सूचना पर पुलिस ने उसी दिन अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस की विवेचना में महिला की पहचान गांव निवासी तहरानी के रूप में हुई। दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की बात सामने आई।
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तत्कालीन विवेचक निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान और विवेचनात्मक कार्रवाई के बाद सादिक अली, रियाज और सायरा के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद 26 सितंबर 2025 को तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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बालक पाए जाने पर बोर्ड भेजा गया था मामला

घटना में नामजद एक अन्य सहअभियुक्त मेराज को घटना के समय बालक पाया गया था। इसलिए उसका प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड को भेजा गया। बोर्ड ने अपराध को जघन्य श्रेणी का मानते हुए विधिक प्रावधानों के तहत प्रारंभिक मूल्यांकन किया। इसके बाद 13 मई 2026 को मामला बाल न्यायालय को संदर्भित किया गया। बाल न्यायालय ने प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और समस्त तथ्यों पर विचार करने के बाद मेराज को दोषसिद्ध करार दिया और अब उसे भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस फैसले के साथ छह वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में बचे आरोपी मेराज को भी सजा मिल गई।
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