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Bahraich News: जॉइंटर की मरम्मत के कारण संजय सेतु पर लगा लंबा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:05 AM IST
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संजय सेतु के पास लगा वाहनों का जाम। - संवाद
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बहराइच। लखनऊ-बहराइच हाईवे स्थित संजय सेतु पर जॉइंटर में अधिक गैप आने के कारण बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई मरम्मत से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। पुल के दोनों ओर करीब चार किमी लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों वाहन फंस गए, घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों से आने-जाने वाले लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
पुल के जॉइंटर में तकनीकी खराबी और अधिक गैप पाए जाने के बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर पुलिस बल की तैनाती की गई और वाहनों को वनवे व्यवस्था के तहत रोक-रोक कर निकाला गया। हालांकि इस व्यवस्था के बावजूद वाहनों की संख्या अधिक होने से जाम की स्थिति बनी रही।
सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य समय से दो से तीन गुना अधिक समय लगा। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंसे नजर आए, हालांकि पुलिस ने इन्हें प्राथमिकता के साथ निकालने का प्रयास किया।
रोजाना आवागमन करने वाले राजकुमार, प्रवीन व मोहित आदि का कहना है कि संजय सेतु पर अक्सर ही मरम्मत कार्य के दौरान ट्रैफिक प्लानिंग मजबूत नहीं होने से जाम की समस्या बढ़ जाती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जॉइंटर की मरम्मत जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।
बहराइच की सीमा में जरवलरोड थाने की पुलिस और बाराबंकी की सीमा में रामनगर थाने की पुलिस मौके पर मौजूद रहकर ट्रैफिक को नियंत्रित करने में जुटी रही।
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41 साल पुराना है यह पुल
बहराइच और बाराबंकी की सीमा पर स्थित यह पुल 41 साल पुराना है। घाघरा नदी पर बने इस पुल का निर्माण वर्ष 1984 में हुआ था। पुल बनने से बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व गोंडा जिलों के साथ नेपाल के लोगों को खासी राहत मिली थी।
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रफ्तार में निकलते हैं वाहन और टूट जाते हैं जॉइंटर
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एस सिंह ने बताया कि हर पुल की अपनी लाइफ होती है। संजय सेतु के निर्माण को 41 साल हो रहे हैं। वाहनों के तेज रफ्तार में निकलने पर पुल में कंपन होता है। पुल बेयरिंग बेस्ड है। हर वर्ष पुल पर 10 से 12 फीसदी ट्रैफिक लोड भी बढ़ रहा है। वाहनों के तेज रफ्तार में निकलने से जॉइंटर अक्सर टूट जाते हैं। लगातार मरम्मत का काम चल रहा है।
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स्वीकृत है नए पुल का प्रस्ताव
जर्जर संजय सेतु के बगल में नया फोरलेन पुल बनना है। पुराने पुल के समानांतर नया पुल और फोरलेन हाईवे बनाने की योजना स्वीकृत हो चुकी है। नए पुल के निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपये तथा फोरलेन सड़क पर लगभग 740 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है। कोशिश है कि नवीन वित्तीय वर्ष में पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाए।
-आनंद गोंड, सांसद, बहराइच
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पुल के जॉइंटर में तकनीकी खराबी और अधिक गैप पाए जाने के बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर पुलिस बल की तैनाती की गई और वाहनों को वनवे व्यवस्था के तहत रोक-रोक कर निकाला गया। हालांकि इस व्यवस्था के बावजूद वाहनों की संख्या अधिक होने से जाम की स्थिति बनी रही।
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सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य समय से दो से तीन गुना अधिक समय लगा। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंसे नजर आए, हालांकि पुलिस ने इन्हें प्राथमिकता के साथ निकालने का प्रयास किया।
रोजाना आवागमन करने वाले राजकुमार, प्रवीन व मोहित आदि का कहना है कि संजय सेतु पर अक्सर ही मरम्मत कार्य के दौरान ट्रैफिक प्लानिंग मजबूत नहीं होने से जाम की समस्या बढ़ जाती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जॉइंटर की मरम्मत जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।
बहराइच की सीमा में जरवलरोड थाने की पुलिस और बाराबंकी की सीमा में रामनगर थाने की पुलिस मौके पर मौजूद रहकर ट्रैफिक को नियंत्रित करने में जुटी रही।
41 साल पुराना है यह पुल
बहराइच और बाराबंकी की सीमा पर स्थित यह पुल 41 साल पुराना है। घाघरा नदी पर बने इस पुल का निर्माण वर्ष 1984 में हुआ था। पुल बनने से बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व गोंडा जिलों के साथ नेपाल के लोगों को खासी राहत मिली थी।
रफ्तार में निकलते हैं वाहन और टूट जाते हैं जॉइंटर
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एस सिंह ने बताया कि हर पुल की अपनी लाइफ होती है। संजय सेतु के निर्माण को 41 साल हो रहे हैं। वाहनों के तेज रफ्तार में निकलने पर पुल में कंपन होता है। पुल बेयरिंग बेस्ड है। हर वर्ष पुल पर 10 से 12 फीसदी ट्रैफिक लोड भी बढ़ रहा है। वाहनों के तेज रफ्तार में निकलने से जॉइंटर अक्सर टूट जाते हैं। लगातार मरम्मत का काम चल रहा है।
स्वीकृत है नए पुल का प्रस्ताव
जर्जर संजय सेतु के बगल में नया फोरलेन पुल बनना है। पुराने पुल के समानांतर नया पुल और फोरलेन हाईवे बनाने की योजना स्वीकृत हो चुकी है। नए पुल के निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपये तथा फोरलेन सड़क पर लगभग 740 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है। कोशिश है कि नवीन वित्तीय वर्ष में पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाए।
-आनंद गोंड, सांसद, बहराइच
