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Bahraich News: 4.67 करोड़ का हिसाब नहीं दे रहे छह सचिव
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:44 PM IST
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बहराइच। जिले में विकास कार्यों के नाम पर खर्च हुए करोड़ों रुपये का हिसाब सात साल बाद भी सरकारी फाइलों में उलझा हुआ है। सात विकास खंडों की 42 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2016 से 2022 के बीच कराए गए कार्यों का आज तक ऑडिट नहीं हो सका है, जिससे करीब 4 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता की आशंका गहराने लगी है।
जिले के महसी, नवाबगंज, तेजवापुर, हुजूरपुर, विशेश्वरगंज, मिहींपुरवा और रिसिया विकास खंडों में वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच कराए गए विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। नियमानुसार हर वर्ष इन कार्यों का ऑडिट होना अनिवार्य है, लेकिन यहां छह वर्षों से यह प्रक्रिया ठप पड़ी है।
सूत्र बताते हैं कि जिन कार्यों का हिसाब अब तक नहीं दिया गया है, उनकी कुल लागत 4,67,58,766 रुपये है। यह राशि गांवों के बुनियादी विकास जैसे सड़क, नाली, खड़ंजा और अन्य योजनाओं पर खर्च दिखाई गई है, लेकिन बिना ऑडिट के इन खर्चों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह मामला लंबे समय से दबा हुआ था, लेकिन अब प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। संबंधित छह ग्राम पंचायत सचिवों को कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद उन्होंने कार्यों का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया। अब मुख्य विकास अधिकारी ने सभी को अभिलेखों के साथ तलब कर जवाब मांगा है।
हिसाब न देने वाले सचिव
रिसिया ब्लाक में तैनात शत्रोहन लाल, दूर्रे हसन, तेजवापुर में तैनात पाटेश्वर सिंह, कैसरगंज में तैनात योगेश यादव, पयागपुर में तैनात जय प्रकाश सिंह और नवाबगंज में तैनात जर्नादन विश्वकर्मा।
इन पंचायतों का बाकी है ऑडिट
महसी- पंडोहिया, रमवापुर कला।
नवाबगंज- सुमेरपुर, उमरिया, जमुनहा नौबस्ता, सिरसिया, रहीमनगर, नौव्वागांव, चाैगोड़वा, भगवानपुर करिंगा, बसंतपुर उदल, सोहहिया, दौलतपुर, सहजना, लखैया, चर्दा, सहजना।
तेजवापुर- फत्तेपुर, बेहटाभया, आदिलपुर, सबलापुर।
हुजुरपुर- गोकुलपुर, बैकुंठा, लौकाही।
विशेश्वरगंज- शिवपुर बैरागी,मझवा, तेंदुवा कबीर, तकिया, खजुरार, कंछर, बालापुर।
मिहींपुरवा- हरखापुर, लालबोझा, मोतीपुर, चहलवा, हरखापुर, कठौतिया।
रिसिया- भोपतपुर, बरईपारा, बलभदपुरा।
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सीडीओ का सख्त रुख
मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने स्पष्ट किया है कि पुराने कार्यों का हिसाब न देना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि संबंधित सचिवों को सभी पत्रावलियों के साथ तलब किया गया है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई तय है।
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जिले के महसी, नवाबगंज, तेजवापुर, हुजूरपुर, विशेश्वरगंज, मिहींपुरवा और रिसिया विकास खंडों में वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच कराए गए विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। नियमानुसार हर वर्ष इन कार्यों का ऑडिट होना अनिवार्य है, लेकिन यहां छह वर्षों से यह प्रक्रिया ठप पड़ी है।
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सूत्र बताते हैं कि जिन कार्यों का हिसाब अब तक नहीं दिया गया है, उनकी कुल लागत 4,67,58,766 रुपये है। यह राशि गांवों के बुनियादी विकास जैसे सड़क, नाली, खड़ंजा और अन्य योजनाओं पर खर्च दिखाई गई है, लेकिन बिना ऑडिट के इन खर्चों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह मामला लंबे समय से दबा हुआ था, लेकिन अब प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। संबंधित छह ग्राम पंचायत सचिवों को कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद उन्होंने कार्यों का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया। अब मुख्य विकास अधिकारी ने सभी को अभिलेखों के साथ तलब कर जवाब मांगा है।
हिसाब न देने वाले सचिव
रिसिया ब्लाक में तैनात शत्रोहन लाल, दूर्रे हसन, तेजवापुर में तैनात पाटेश्वर सिंह, कैसरगंज में तैनात योगेश यादव, पयागपुर में तैनात जय प्रकाश सिंह और नवाबगंज में तैनात जर्नादन विश्वकर्मा।
इन पंचायतों का बाकी है ऑडिट
महसी- पंडोहिया, रमवापुर कला।
नवाबगंज- सुमेरपुर, उमरिया, जमुनहा नौबस्ता, सिरसिया, रहीमनगर, नौव्वागांव, चाैगोड़वा, भगवानपुर करिंगा, बसंतपुर उदल, सोहहिया, दौलतपुर, सहजना, लखैया, चर्दा, सहजना।
तेजवापुर- फत्तेपुर, बेहटाभया, आदिलपुर, सबलापुर।
हुजुरपुर- गोकुलपुर, बैकुंठा, लौकाही।
विशेश्वरगंज- शिवपुर बैरागी,मझवा, तेंदुवा कबीर, तकिया, खजुरार, कंछर, बालापुर।
मिहींपुरवा- हरखापुर, लालबोझा, मोतीपुर, चहलवा, हरखापुर, कठौतिया।
रिसिया- भोपतपुर, बरईपारा, बलभदपुरा।
सीडीओ का सख्त रुख
मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने स्पष्ट किया है कि पुराने कार्यों का हिसाब न देना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि संबंधित सचिवों को सभी पत्रावलियों के साथ तलब किया गया है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई तय है।