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Bahraich News: महिला पर बाघ का हमला, चबा गया हाथ
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती बाघ के हमले में घायल महिला।
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में भर्ती बाघ के हमले में घायल महिला।
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मिहींपुरवा। जिले में कतर्निया सेंचुरी से सटे ककरहा रेंज में शुक्रवार सुबह लकड़ी बीनने जंगल गई महिला पर बाघ ने हमला कर दिया। उसे घसीटते हुए अंदर ले जाने लगा। मौके पर मौजूद वनकर्मियों की सूझबूझ व साहस से किसी तरह महिला की जान बच गई, लेकिन बाघ ने उसका एक हाथ चबा लिया। महिला के जबड़े में भी गंभीर जख्म हुआ है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुर्तिहा कोतवाली की ग्राम पंचायत सेमरी घटही निवासी शांति देवी (40) सुबह करीब नौ बजे जंगल में लकड़ी बीनने गई थीं। इसी दौरान पास में ही वन विभाग के दारोगा और अन्य कर्मचारी पौधरोपण कार्य में लगे थे। तभी पीछे से घात लगाए बाघ ने महिला पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर जब वनकर्मी दौड़े तो देखा कि बाघ महिला के बाएं हाथ को अपने जबड़े में दबोचे हुए उसे जंगल की ओर घसीट रहा है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए वनकर्मियों ने तुरंत शोर मचाना शुरू किया। वन दारोगा ने हिम्मत दिखाते हुए ट्रैक्टर स्टार्ट कर तेज आवाज के साथ बाघ की ओर दौड़ाया। शोर और हलचल से घबराकर बाघ महिला का हाथ नोचते हुए घने जंगल की झाड़ियों में भाग गया।
बाघ के पंजे के वार से महिला जबड़ा भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया और दाहिने हाथ का अंगूठा भी अलग हो गया। गंभीर हालत में परिजन और वनकर्मी महिला को तुरंत सीएचसी मिहींपुरवा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर डीएफओ अपूर्व दीक्षित के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी रत्नेश कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
जंगल में न जाएं ग्रामीण
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में लकड़ी बीनने या अन्य कार्यों के लिए न जाएं। उन्होंने कहा कि बाघ की सक्रियता बढ़ी हुई है, ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है।
ऐसे करें सुरक्षा
जंगल या उसके किनारे अकेले न जाएं।
समूह में ही जंगल की ओर जाएं।
बच्चों और महिलाओं को जंगल से दूर रखें।
किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
शोर-शराबा या हलचल बनाए रखें, ताकि जंगली जानवर दूर रहें।
इस वर्ष हुए बाघ के हमले
02 जनवरी : कैसरगंज अछेलाल घायल।
05 फरवरी : कतर्नियाघाट के निषाद नगर निवासी अरुण (8) की मौत।
06 मार्च : खैरीघाट के बाजपुरवा गांव में अफरीन (7) घायल।
07 मार्च : सुजौली के करिकोट, आजमगढ़ पुरवा में रघुवीर (7) की मौत।
08 मार्च : भठ्ठा बरगदपुरवा (निशानगाड़ा रेंज) में तुलसी घायल।
09 मार्च : रूपईडीहा क्षेत्र में राधेश्याम, संजना, अंकित घायल।
23 मार्च : दलजीत पुरवा निवासी उपमा देवी घायल।
27 मार्च : गोड़हिया नंबर-1, बभननपुरवा कैसरगंज निवासी राकेश कुमार यादव (26) घायल।
03 अप्रैल : मुर्तिहा निवासी करन (15 ) घायल।
07 अप्रैल : बाघ के हमले में मोतीपुर रेंज के ग्राम राजापुर कतर्निया तड़पुरवा निवासी राजाबाबू (10) घायल।
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मुर्तिहा कोतवाली की ग्राम पंचायत सेमरी घटही निवासी शांति देवी (40) सुबह करीब नौ बजे जंगल में लकड़ी बीनने गई थीं। इसी दौरान पास में ही वन विभाग के दारोगा और अन्य कर्मचारी पौधरोपण कार्य में लगे थे। तभी पीछे से घात लगाए बाघ ने महिला पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर जब वनकर्मी दौड़े तो देखा कि बाघ महिला के बाएं हाथ को अपने जबड़े में दबोचे हुए उसे जंगल की ओर घसीट रहा है।
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हालात की गंभीरता को देखते हुए वनकर्मियों ने तुरंत शोर मचाना शुरू किया। वन दारोगा ने हिम्मत दिखाते हुए ट्रैक्टर स्टार्ट कर तेज आवाज के साथ बाघ की ओर दौड़ाया। शोर और हलचल से घबराकर बाघ महिला का हाथ नोचते हुए घने जंगल की झाड़ियों में भाग गया।
बाघ के पंजे के वार से महिला जबड़ा भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया और दाहिने हाथ का अंगूठा भी अलग हो गया। गंभीर हालत में परिजन और वनकर्मी महिला को तुरंत सीएचसी मिहींपुरवा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर डीएफओ अपूर्व दीक्षित के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी रत्नेश कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
जंगल में न जाएं ग्रामीण
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में लकड़ी बीनने या अन्य कार्यों के लिए न जाएं। उन्होंने कहा कि बाघ की सक्रियता बढ़ी हुई है, ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है।
ऐसे करें सुरक्षा
जंगल या उसके किनारे अकेले न जाएं।
समूह में ही जंगल की ओर जाएं।
बच्चों और महिलाओं को जंगल से दूर रखें।
किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
शोर-शराबा या हलचल बनाए रखें, ताकि जंगली जानवर दूर रहें।
इस वर्ष हुए बाघ के हमले
02 जनवरी : कैसरगंज अछेलाल घायल।
05 फरवरी : कतर्नियाघाट के निषाद नगर निवासी अरुण (8) की मौत।
06 मार्च : खैरीघाट के बाजपुरवा गांव में अफरीन (7) घायल।
07 मार्च : सुजौली के करिकोट, आजमगढ़ पुरवा में रघुवीर (7) की मौत।
08 मार्च : भठ्ठा बरगदपुरवा (निशानगाड़ा रेंज) में तुलसी घायल।
09 मार्च : रूपईडीहा क्षेत्र में राधेश्याम, संजना, अंकित घायल।
23 मार्च : दलजीत पुरवा निवासी उपमा देवी घायल।
27 मार्च : गोड़हिया नंबर-1, बभननपुरवा कैसरगंज निवासी राकेश कुमार यादव (26) घायल।
03 अप्रैल : मुर्तिहा निवासी करन (15 ) घायल।
07 अप्रैल : बाघ के हमले में मोतीपुर रेंज के ग्राम राजापुर कतर्निया तड़पुरवा निवासी राजाबाबू (10) घायल।