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Bahraich News: तूफान से जंगल में तबाही, गांवों में भी नुकसान
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बिछिया में आंधी-पानी के दौरान टूटे तार।
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बिछिया। कतर्नियाघाट जंगल इलाके में सोमवार रात आए तूफान ने भारी तबाही मचाई। रात करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और हल्की बारिश के साथ चलनी शुरू हुई तेज हवा कुछ ही देर में तूफान में बदल गई। तूफान का सबसे अधिक असर बिछिया, आंबा, विशुनापुर और कतर्नियाघाट में देखने को मिला, जहां दर्जनों घरों की टिनशेड उड़ गए और कई स्थानों पर पेड़ गिर गए।
बिछिया बाजार में नौ मकानों के टिनशेड उड़कर 100 से 200 मीटर दूर जा गिरे। तूफान से रंजय गुप्ता, लिटिल सोनी, राम जानकी, राहुल गुप्ता, हनीफ और कदम रसूल समेत कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा। तेज हवाओं से बिजली की एलटी लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पूरे इलाके में 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मंगलवार दोपहर में फॉल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की गई।
उधर, आंबा की जनजातीय बस्ती में नत्थू के घर का टिनशेड उड़ गया। तूफान में सोलर प्लेट क्षतिग्रस्त हो गई। धनीराम के घर पर बिजली का खंभा गिरने से पक्की दीवार और कच्चा मकान टूट गया, जबकि धर्मप्रकाश के रसोईघर और मकान की छत को भी नुकसान पहुंचा।
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तूफान का असर कतर्नियाघाट जंगल में भी दिखाई दिया, जहां बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ जड़ से उखड़ गए। पेड़ गिरने से बिछिया-मिहींपुरवा और बिछिया-आंबा मार्ग करीब एक घंटे तक बाधित रहा। घड़ियाल संरक्षण केंद्र के पास रिसर्चर हट के ऊपर भी एक विशाल पेड़ गिर गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन नुकसान का आकलन कराने में जुटा है।
जनजाति बस्तियों में सबसे ज्यादा असर
आंबा और विशुनापुर की जनजातीय बस्तियों में कई परिवारों के आशियाने प्रभावित हुए। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही मिनटों के तूफान ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। लोगों ने प्रशासन से क्षति का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
40 डिग्री पारे ने बढ़ाई बेचैनी
बहराइच। जिले में गर्मी का सितम लगातार जारी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस हो रही है। अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत के आसार कम हैं, हालांकि कहीं-कहीं बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
बिछिया बाजार में नौ मकानों के टिनशेड उड़कर 100 से 200 मीटर दूर जा गिरे। तूफान से रंजय गुप्ता, लिटिल सोनी, राम जानकी, राहुल गुप्ता, हनीफ और कदम रसूल समेत कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा। तेज हवाओं से बिजली की एलटी लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पूरे इलाके में 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मंगलवार दोपहर में फॉल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की गई।
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उधर, आंबा की जनजातीय बस्ती में नत्थू के घर का टिनशेड उड़ गया। तूफान में सोलर प्लेट क्षतिग्रस्त हो गई। धनीराम के घर पर बिजली का खंभा गिरने से पक्की दीवार और कच्चा मकान टूट गया, जबकि धर्मप्रकाश के रसोईघर और मकान की छत को भी नुकसान पहुंचा।
तूफान का असर कतर्नियाघाट जंगल में भी दिखाई दिया, जहां बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ जड़ से उखड़ गए। पेड़ गिरने से बिछिया-मिहींपुरवा और बिछिया-आंबा मार्ग करीब एक घंटे तक बाधित रहा। घड़ियाल संरक्षण केंद्र के पास रिसर्चर हट के ऊपर भी एक विशाल पेड़ गिर गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन नुकसान का आकलन कराने में जुटा है।
जनजाति बस्तियों में सबसे ज्यादा असर
आंबा और विशुनापुर की जनजातीय बस्तियों में कई परिवारों के आशियाने प्रभावित हुए। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही मिनटों के तूफान ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। लोगों ने प्रशासन से क्षति का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
40 डिग्री पारे ने बढ़ाई बेचैनी
बहराइच। जिले में गर्मी का सितम लगातार जारी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस हो रही है। अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत के आसार कम हैं, हालांकि कहीं-कहीं बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।