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Bahraich News: 1.65 करोड़ से बनी नर्सरी में लहलहा रही लापरवाही की पौध
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पयागपुर के ग्राम पंचायत मनिकापुर कलां में बंद पड़ी नर्सरी में उगी झाड़ियां।
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पयागपुर। किसानों को आधुनिक तकनीक से तैयार उन्नत सब्जियों की पौध उपलब्ध कराने के लिए करीब 1.65 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई हाईटेक नर्सरी तीन साल बाद भी किसानों के काम नहीं आ सकी। मनिकापुर कलां में स्थापित मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पौध तैयार करने का काम ठप है। पॉलीहाउस में पौधों की जगह जंगली घास उग आई है और महंगे उपकरण निष्क्रिय पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी को संचालन प्रभावित होने का कारण बताया जा रहा है।
किसानों को उन्नत किस्म की सब्जियों के पौधे उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीक से खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब 1.65 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक नर्सरी की स्थापना ग्राम पंचायत मनिकापुर कलां में वर्ष 2023 में की गई थी। स्थापित मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल अब तक स्थानीय किसानों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो सका है। पड़ताल में नर्सरी परिसर में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। महंगे ग्रीन पॉलीहाउस के भीतर पौध के बजाय जंगली घास उगी दिखाई दी। उपकरण भी निष्क्रिय पड़े नजर आए।
नर्सरी का उद्देश्य आधुनिक तकनीक से गुणवत्तापूर्ण सब्जी पौध तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराना था, ताकि कम लागत में बेहतर पैदावार ली जा सके। लेकिन, नियमित संचालन और रखरखाव के अभाव में परियोजना का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाया। गांव निवासी राजकुमार और बाबूलाल का का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नर्सरी लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी है और किसानों को बाहर से पौध खरीदनी पड़ रही है।
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कर्मचारियों की कमी से नहीं हो सका संचालन
जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण नर्सरी का संचालन प्रभावित रहा। उन्होंने कहा कि अखंड प्रताप सिंह को नर्सरी का प्रभारी बनाया गया है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर नियमित पौध उत्पादन शुरू कराया जाएगा।
फैक्ट फाइल
परियोजना : मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल
स्थान : मनिकापुर कलां, पयागपुर
स्थापना वर्ष : 2023
लागत : करीब 1.65 करोड़ रुपये
उद्देश्य : आधुनिक तकनीक से सब्जियों की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करना
वर्तमान स्थिति : पौध तैयार करने का काम प्रभावित, पॉलीहाउस निष्क्रिय
विभाग का दावा : नए प्रभारी की तैनाती, जल्द शुरू होगा संचालन
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किसानों को उन्नत किस्म की सब्जियों के पौधे उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीक से खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब 1.65 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक नर्सरी की स्थापना ग्राम पंचायत मनिकापुर कलां में वर्ष 2023 में की गई थी। स्थापित मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल अब तक स्थानीय किसानों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो सका है। पड़ताल में नर्सरी परिसर में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। महंगे ग्रीन पॉलीहाउस के भीतर पौध के बजाय जंगली घास उगी दिखाई दी। उपकरण भी निष्क्रिय पड़े नजर आए।
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नर्सरी का उद्देश्य आधुनिक तकनीक से गुणवत्तापूर्ण सब्जी पौध तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराना था, ताकि कम लागत में बेहतर पैदावार ली जा सके। लेकिन, नियमित संचालन और रखरखाव के अभाव में परियोजना का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाया। गांव निवासी राजकुमार और बाबूलाल का का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नर्सरी लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी है और किसानों को बाहर से पौध खरीदनी पड़ रही है।
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कर्मचारियों की कमी से नहीं हो सका संचालन
जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण नर्सरी का संचालन प्रभावित रहा। उन्होंने कहा कि अखंड प्रताप सिंह को नर्सरी का प्रभारी बनाया गया है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर नियमित पौध उत्पादन शुरू कराया जाएगा।
फैक्ट फाइल
परियोजना : मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल
स्थान : मनिकापुर कलां, पयागपुर
स्थापना वर्ष : 2023
लागत : करीब 1.65 करोड़ रुपये
उद्देश्य : आधुनिक तकनीक से सब्जियों की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करना
वर्तमान स्थिति : पौध तैयार करने का काम प्रभावित, पॉलीहाउस निष्क्रिय
विभाग का दावा : नए प्रभारी की तैनाती, जल्द शुरू होगा संचालन