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Bahraich News: संजय सेतु पर 20 जून से फिर दौड़ सकते हैं वाहन
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घाघराघाट स्थित संजय सेतु पर चल रहा मरम्मत का कार्य।
- फोटो : घाघराघाट स्थित संजय सेतु पर चल रहा मरम्मत का कार्य।
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जरवलरोड। लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 44 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। पुल के निचले हिस्से में करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा होने की बात कही जा रही है, वहीं ऊपरी हिस्से में 50 फीसदी के करीब काम हो चुका है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि 20 जून से पुल पर फिर से वाहनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
संजय सेतु देवीपाटन मंडल के बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर जिलों के साथ नेपाल सीमा को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाला सबसे अहम मार्ग है। पुल को मरम्मत के लिए 16 अप्रैल को बंद कर दिया गया था। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर घाघरा नदी पर पीपा पुल बनाया गया है, लेकिन वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण पीपा पुल पर आए दिन लंबा जाम लग रहा है। जगह-जगह लोहे की चादरें धंस जाने से छोटे-बड़े वाहन घंटों फंसे रहते हैं।
पुल की मरम्मत का जिम्मा एएम बिल्डर्स कंपनी को दिया गया है। मौके पर तैनात साइड इंजीनियर रेहान के मुताबिक पुल के एक हिस्से में सभी 62 जॉइंटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि दूसरी ओर अब तक 24 जॉइंटर लगाए गए हैं। इसके अलावा पुल की सतह पर वाटरप्रूफिंग का लगभग 35 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। वहीं, बेयरिंग बदलने के कार्य की निगरानी कर रहे साइड इंजीनियर सुजीत कुमार ने बताया कि पुल में कुल 244 बेयरिंग बदली जानी हैं, जिनमें से अब तक 146 बेयरिंग बदली जा चुकी हैं। उनका कहना है कि मजदूरों और मशीनों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जा रही है। निर्माण कंपनी के इंजीनियरों का दावा है कि तय समय सीमा से पहले ही कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के इंजीनियर अनंत मौर्या ने कहा कि हर हाल में 20 जून तक पुल का कार्य पूरा कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
बुरी तरह प्रभावित है कारोबार
पुल बंद होने से बाजार और कारोबार पर भी असर दिखने लगा है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सामान की ढुलाई महंगी हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात शुरू होने से पहले पुल चालू नहीं हुआ तो क्षेत्र में आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है।
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संजय सेतु देवीपाटन मंडल के बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर जिलों के साथ नेपाल सीमा को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाला सबसे अहम मार्ग है। पुल को मरम्मत के लिए 16 अप्रैल को बंद कर दिया गया था। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर घाघरा नदी पर पीपा पुल बनाया गया है, लेकिन वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण पीपा पुल पर आए दिन लंबा जाम लग रहा है। जगह-जगह लोहे की चादरें धंस जाने से छोटे-बड़े वाहन घंटों फंसे रहते हैं।
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पुल की मरम्मत का जिम्मा एएम बिल्डर्स कंपनी को दिया गया है। मौके पर तैनात साइड इंजीनियर रेहान के मुताबिक पुल के एक हिस्से में सभी 62 जॉइंटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि दूसरी ओर अब तक 24 जॉइंटर लगाए गए हैं। इसके अलावा पुल की सतह पर वाटरप्रूफिंग का लगभग 35 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। वहीं, बेयरिंग बदलने के कार्य की निगरानी कर रहे साइड इंजीनियर सुजीत कुमार ने बताया कि पुल में कुल 244 बेयरिंग बदली जानी हैं, जिनमें से अब तक 146 बेयरिंग बदली जा चुकी हैं। उनका कहना है कि मजदूरों और मशीनों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जा रही है। निर्माण कंपनी के इंजीनियरों का दावा है कि तय समय सीमा से पहले ही कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के इंजीनियर अनंत मौर्या ने कहा कि हर हाल में 20 जून तक पुल का कार्य पूरा कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
बुरी तरह प्रभावित है कारोबार
पुल बंद होने से बाजार और कारोबार पर भी असर दिखने लगा है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सामान की ढुलाई महंगी हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात शुरू होने से पहले पुल चालू नहीं हुआ तो क्षेत्र में आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है।