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Bahraich News: घरेलू गैस सिलिंडर का बढ़ा इंतजार, गैस एजेंसियों पर कतार
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एजेंसी पर लगी महिलाओं की लाइन।
- फोटो : एजेंसी पर लगी महिलाओं की लाइन।
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बहराइच। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति रुकने के साथ घरेलू गैस सिलिंडर के लिए भी इंतजार बढ़ गया है। जो सिलिंडर बुकिंग के 24 घंटे में मिल जाता था उसके लिए अब तीन से चार दिन इंतजार करना पड़ रहा है। आगामी दिनों में किल्लत बढ़ने की आशंका से परेशान लोग गैस एजेंसियों की ओर रुख कर रहे हैं और कतार में लगकर सिलिंडर पाने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को जिले की कई गैस एजेंसियों पर सिलिंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। पयागपुर, नानपारा तथा चरदा क्षेत्र में उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। घरेलू गैस सिलिंडर की डिलीवरी में आई समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कुछ कहने से कतरा रहे हैं।
जिले में रसोई गैस के कुल 7 लाख 568 उपभोक्ता हैं, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 4 लाख 36 हजार 726 लाभार्थी हैं। इन सभी उपभोक्ताओं को जिले की 71 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। जिले की सबसे बड़ी इंडेन गैस एजेंसी के संचालक रामचंदर राव ने बताया कि पहले शहर में रोजाना सप्लाई के लिए तीन ट्रक गैस सिलिंडर आते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से आपूर्ति लगभग 50 प्रतिशत रह गई है। इसके चलते गैस सिलिंडर घरों तक पहुंचाने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है। पयागपुर, नानपारा, चरदा, महसी, कैसरगंज, जरवलरोड एजेंसी संचालकों के अनुसार कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति फिलहाल बंद है, इससे मांगलिक कार्यों में परेशानी आ रही है।
कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक से बढ़ी मांग
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय भी घरेलू गैस सिलिंडर की ओर रुख कर रहे हैं। इससे घरेलू गैस की मांग अचानक बढ़ गई है और एजेंसियों पर भीड़ दिखाई दे रही है।
शादी-ब्याह के मौसम में बढ़ी परेशानी
इन दिनों सहालग का दौर शुरू हो गया है। मांगलिक कार्यक्रमों में गैस की खपत अधिक होने से उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से होटल और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर निवासी रोहित कश्यप ने बताया कि बुधवार को भाई की शादी है, लेकिन सिलिंडर मिल नहीं रहा।
वर्तमान हालात पर एक नजर
जिले में रसोई गैस के कुल उपभोक्ता 7,00,568
उज्ज्वला योजना के लाभार्थी 4,36,726
71 गैस एजेंसियों से होती है घरेलू गैस की आपूर्ति।
पहले रोज तीन ट्रक गैस सिलिंडर आते थे, अब आपूर्ति 50 फीसदी घटी।
पयागपुर में मांग के सापेक्ष कम मिले सिलिंडर
पयागपुर। रसोई गैस और पेट्रोल की कमी की शिकायतों के बीच मंगलवार को उपजिलाधिकारी अश्वनी पांडेय ने पूर्ति निरीक्षक ललित पाठक के साथ गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम के पहुंचने पर गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। उन्होंने एजेंसी संचालक महिपाल सिंह से गैस सिलिंडर की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा स्टॉक रजिस्टर और वितरण पंजिका का भी निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि एजेंसी का स्टॉक ऑनलाइन अपडेट न होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही मांग के मुकाबले गैस की उपलब्धता कम होने की जानकारी मिलने पर एजेंसी को दो हजार अतिरिक्त सिलिंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। पूर्ति निरीक्षक ललित पाठक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक मिला है, ईंधन की कोई कमी नहीं है।
डीएसओ ने बंद किया फोन
घरेलू गैस सिलिंडर की डिलीवरी में समय लगने के बारे में जिला पूर्ति अधिकारी खुलकर बोलने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि इस बारे में गैस एजेंसी संचालक ही सही जानकारी दे सकेंगे। इसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया।
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जिले में रसोई गैस के कुल 7 लाख 568 उपभोक्ता हैं, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 4 लाख 36 हजार 726 लाभार्थी हैं। इन सभी उपभोक्ताओं को जिले की 71 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। जिले की सबसे बड़ी इंडेन गैस एजेंसी के संचालक रामचंदर राव ने बताया कि पहले शहर में रोजाना सप्लाई के लिए तीन ट्रक गैस सिलिंडर आते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से आपूर्ति लगभग 50 प्रतिशत रह गई है। इसके चलते गैस सिलिंडर घरों तक पहुंचाने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है। पयागपुर, नानपारा, चरदा, महसी, कैसरगंज, जरवलरोड एजेंसी संचालकों के अनुसार कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति फिलहाल बंद है, इससे मांगलिक कार्यों में परेशानी आ रही है।
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कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक से बढ़ी मांग
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय भी घरेलू गैस सिलिंडर की ओर रुख कर रहे हैं। इससे घरेलू गैस की मांग अचानक बढ़ गई है और एजेंसियों पर भीड़ दिखाई दे रही है।
शादी-ब्याह के मौसम में बढ़ी परेशानी
इन दिनों सहालग का दौर शुरू हो गया है। मांगलिक कार्यक्रमों में गैस की खपत अधिक होने से उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से होटल और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर निवासी रोहित कश्यप ने बताया कि बुधवार को भाई की शादी है, लेकिन सिलिंडर मिल नहीं रहा।
वर्तमान हालात पर एक नजर
जिले में रसोई गैस के कुल उपभोक्ता 7,00,568
उज्ज्वला योजना के लाभार्थी 4,36,726
71 गैस एजेंसियों से होती है घरेलू गैस की आपूर्ति।
पहले रोज तीन ट्रक गैस सिलिंडर आते थे, अब आपूर्ति 50 फीसदी घटी।
पयागपुर में मांग के सापेक्ष कम मिले सिलिंडर
पयागपुर। रसोई गैस और पेट्रोल की कमी की शिकायतों के बीच मंगलवार को उपजिलाधिकारी अश्वनी पांडेय ने पूर्ति निरीक्षक ललित पाठक के साथ गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम के पहुंचने पर गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। उन्होंने एजेंसी संचालक महिपाल सिंह से गैस सिलिंडर की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा स्टॉक रजिस्टर और वितरण पंजिका का भी निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि एजेंसी का स्टॉक ऑनलाइन अपडेट न होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही मांग के मुकाबले गैस की उपलब्धता कम होने की जानकारी मिलने पर एजेंसी को दो हजार अतिरिक्त सिलिंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। पूर्ति निरीक्षक ललित पाठक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक मिला है, ईंधन की कोई कमी नहीं है।
डीएसओ ने बंद किया फोन
घरेलू गैस सिलिंडर की डिलीवरी में समय लगने के बारे में जिला पूर्ति अधिकारी खुलकर बोलने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि इस बारे में गैस एजेंसी संचालक ही सही जानकारी दे सकेंगे। इसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया।