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Ballia News: तीन महीने पहले लिए गए 59 नमूने, रिपोर्ट आई तो 47 फेल, आठ अनसेफ
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बलिया। तीन महीने पहले लिए गए 59 नमूनों की जांच रिपोर्ट अब आई है । 47 नमूने फेल हैं। इसमें आठ नमूने तो अनसेफ पाए गए हैं। यानी इनमें हानिकारक तत्वों की मिलावट है। जिन प्रतिष्ठानों से उक्त नमूने लिए गए थे उन्हें नोटिस आदि जारी करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद इनके ऊपर सीजेएम और एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए जाएंगे।
बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री तेजी से हो रही है। बड़ी मात्रा में दूध, दही और घी जैसे मिल्क प्रोडक्ट और मिठाइयां मिलावटी होने के साथ असुरक्षित भी मिल रही हैं। बाजार में बिक रहे पनीर, मिठाई, खोआ, दूध, बेसन, बूंदी लड्डू सबकुछ मिलावटी बिक रहा है। सेहत के लिए अच्छा समझकर जिस दूध, खोया, पनीर समेत दाल, मसाले और तेल को हम अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। यह जरूरी नहीं कि यह सब स्वास्थ्यवर्धक हों।
मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री थम नहीं रही है। पिछले साल अगस्त से लेकर नवंबर तक कुल 59 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। हालही में इनकी रिपोर्ट चौकाने वाली आई है। 59 नमूने में 47 जांच में फेल हुए हैं। इसमें आठ अनसेफ पाए गए हैं। इसमें दो मिल्क प्रोडक्ट, दो मिठाई, एक मसाले और दो अन्य नमूने शामिल रहे हैं। 34 नमूनों की रिपोर्ट अधोमानक और पांच की मिथ्या छाप आई है।
खोवे से बनी मिठाइयां हर दुकान पर बिकती हैं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में खोवे का उत्पादन नहीं होता है। इसकी पूर्ति के लिए दूसरे शहरों से बड़ी मात्रा में मिलावटी खोवा आता है। उच्च श्रेणी के पनीर में 50 प्रतिशत, मध्यम में 30 से 50 प्रतिशत और सामान्य श्रेणी में 18 से 20 प्रतिशत फैट होना जरूरी है। रिपोर्ट आने के बाद अब खाद्य विभाग मिलावट करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सीजेएम और एडीएम कोर्ट में वाद दाखिल करने में जुट गया है।
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लीवर खराब कर देगा मिलावटी खोवा-पनीर
मिलावटी खोवा और पनीर लीवर को प्रभावित करता है। इसमें मौजूद केमिकल एलर्जी का कारण बन जाता है। इसे खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। खाने की वस्तुओं की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
-डॉ. रितेश सोनी, फिजिशियन
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बोतल बंद पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिंद्र सिंह ने बताया कि बोतल बंद पानी का एक सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। ये नमूना बेल्थरारोड से सेफ एचटूओ ब्रांड का लिया गया है। जनवरी माह में लिए गए इस नमूने की अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है।
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अगस्त से नवंबर की बीच लिए गए 59 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है। इसमें 47 नमूने जांच में फेल हुए हैं। इनमें आठ अनसेफ पाए गए हैं। अर्थात में इनमें ऐसे तत्वों की मिलावट मिली है जो सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं। मिलावट करने वालों के खिलाफ सीजेएम और एडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया जाएगा।
हरिंद्र सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री तेजी से हो रही है। बड़ी मात्रा में दूध, दही और घी जैसे मिल्क प्रोडक्ट और मिठाइयां मिलावटी होने के साथ असुरक्षित भी मिल रही हैं। बाजार में बिक रहे पनीर, मिठाई, खोआ, दूध, बेसन, बूंदी लड्डू सबकुछ मिलावटी बिक रहा है। सेहत के लिए अच्छा समझकर जिस दूध, खोया, पनीर समेत दाल, मसाले और तेल को हम अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। यह जरूरी नहीं कि यह सब स्वास्थ्यवर्धक हों।
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मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री थम नहीं रही है। पिछले साल अगस्त से लेकर नवंबर तक कुल 59 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। हालही में इनकी रिपोर्ट चौकाने वाली आई है। 59 नमूने में 47 जांच में फेल हुए हैं। इसमें आठ अनसेफ पाए गए हैं। इसमें दो मिल्क प्रोडक्ट, दो मिठाई, एक मसाले और दो अन्य नमूने शामिल रहे हैं। 34 नमूनों की रिपोर्ट अधोमानक और पांच की मिथ्या छाप आई है।
खोवे से बनी मिठाइयां हर दुकान पर बिकती हैं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में खोवे का उत्पादन नहीं होता है। इसकी पूर्ति के लिए दूसरे शहरों से बड़ी मात्रा में मिलावटी खोवा आता है। उच्च श्रेणी के पनीर में 50 प्रतिशत, मध्यम में 30 से 50 प्रतिशत और सामान्य श्रेणी में 18 से 20 प्रतिशत फैट होना जरूरी है। रिपोर्ट आने के बाद अब खाद्य विभाग मिलावट करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सीजेएम और एडीएम कोर्ट में वाद दाखिल करने में जुट गया है।
लीवर खराब कर देगा मिलावटी खोवा-पनीर
मिलावटी खोवा और पनीर लीवर को प्रभावित करता है। इसमें मौजूद केमिकल एलर्जी का कारण बन जाता है। इसे खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। खाने की वस्तुओं की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
-डॉ. रितेश सोनी, फिजिशियन
बोतल बंद पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिंद्र सिंह ने बताया कि बोतल बंद पानी का एक सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। ये नमूना बेल्थरारोड से सेफ एचटूओ ब्रांड का लिया गया है। जनवरी माह में लिए गए इस नमूने की अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है।
अगस्त से नवंबर की बीच लिए गए 59 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है। इसमें 47 नमूने जांच में फेल हुए हैं। इनमें आठ अनसेफ पाए गए हैं। अर्थात में इनमें ऐसे तत्वों की मिलावट मिली है जो सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं। मिलावट करने वालों के खिलाफ सीजेएम और एडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया जाएगा।
हरिंद्र सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
