UP: विभागीय कर्मी नदारद, कोर्ट में घुसे प्राइवेट कर्मी, हंगामा; अधिवक्ताओं ने जताई आपत्ति से तो कर दिया ये काम
Ballia News: बलिया के बैरिया तहसील में प्राइवेट कर्मचारियों के घुसने से अधिवक्ताओं ने अपनी नाराजगी जताई। कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। आरोप है कि दो प्राइवेट कर्मी भीतर घुस करके कुछ कागज इधर-उधर कर रहे थे।
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UP News: बैरिया तहसील स्थित उप जिलाधिकारी सहित सभी न्यायालय में किसी विभागीय कर्मचारियों के बुधवार को न रहने और कार्यालय में प्राइवेट कर्मियों के घुसकर फाइलों को इधर से उधर करने के मामलों को लेकर अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताते हुए हंगामा किया। कहा कि इसी तरह के अव्यवस्था के कारण तहसील के विभिन्न न्यायालयों के सैकड़ों फाइल गायब हो चुकी है।
प्राथमिकी दर्ज है, वादकारी परेशान हैं। बावजूद इसके संबंधित पीठासीन अधिकारी व्यवस्था सुधारने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जानबूझकर के इस तरह की अव्यवस्था यहां पैदा की जा रही है।
बुधवार दोपहर लगभग एक बजे उप जिला मजिस्ट्रेट का न्यायालय खुला था। वहां न तो पेशकार थे और न अहलमद। दो प्राइवेट कर्मी भीतर घुस करके कुछ कागज इधर-उधर कर रहे थे। वहां अधिवक्ता रामप्रकाश सिंह, शत्रुघ्न सिंह, विनय कुमार पांडेय, ओमकार पांडेय सहित कई लोग पहुंच गए।
कार्रवाई की मांग
पूछने लगे की कोई सरकारी कर्मी नहीं है तो आप लोग क्या कर रहे हैं। प्राइवेट कर्मियों के पास कोई जवाब नहीं था। वह न्यायालय से बाहर निकल आए और गेट बंद कर दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताते हुए तहसीलदार न्यायालय गए। वहां भी कोई भी उपस्थित नहीं था। न्यायालय खुला हुआ था, सब कुछ लावारिस था। इसको देखकर अधिवक्ता गुस्से से लाल हो गए। कहा कि अगर फाइल या कोई सामान चोरी होता है कौन जिम्मेदार होगा।
नायब तहसीलदार न्यायालय में भी एक प्राइवेट व्यक्ति बैठकर फाइल एकत्र कर रहा था। वहां भी अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में तैनात पेशकार अर्पित गुप्त पहुंच गए। कहा कि माल कार्यालय के कार्य को देख रहा था।
चकबंदी कार्यालय में भी घुसे थे कर्मचारी
नायब तहसीलदार कार्यालय के पेशकार अजीत यादव वकीलों के हंगामा को देखकर आए और बताया कि न्यायालय के कार्य से चकबंदी कार्यालय में गया था। अधिवक्ता उनके तर्क को सुनने को तैयार नहीं थे। अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा, रुद्रदेव कुंवर, अजय सिंह ने बताया की तहसील की व्यवस्था अराजक हो गई है। 2023 से यहां व्यवस्था में गड़बड़ी चली आ रही है। कोई भी इसे सुधारना नहीं चाह रहा है।
न्यायालय के पेशकार और अहलमद के घर शादी है, वह छुट्टी पर हैं। बुधवार को न्यायालय नहीं चलता है, अधिवक्ता न्यायालय बुधवार को नहीं चलाते हैं। वादकारियों व अधिवक्ताओं को परेशानी न हो जिससे न्यायालय खुला था। अन्य सरकारी कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई थी। थोड़ी देर के लिए कर्मी किसी कार्य से अन्य दफ्तर में चले गए होंगे। व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। - संजय कुशवाहा, उपजिलाधिकारी, बैरिया