{"_id":"69b4551651ce95e2c902876b","slug":"farewell-prayers-offered-at-374-mosques-amid-tight-security-ballia-news-c-190-1-ana1001-159490-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: 374 मस्जिदों पर कड़ी सुरक्षा के बीच अलविदा की नमाज अदा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: 374 मस्जिदों पर कड़ी सुरक्षा के बीच अलविदा की नमाज अदा की
विज्ञापन
नगर के विशुनीपुर स्थित जामा मस्जिद में अल विदा जुमा की नमाज अदा करते मुस्लिम बंधु। संवाद
विज्ञापन
बलिया । पवित्र माह रमजान के आखिरी जुमे (अलविदा) की नमाज शुक्रवार को पूरे जनपद में बेहद अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई।
जिले की कुल 374 मस्जिदों में हजारों की संख्या में रोजेदारों ने नमाज पढ़कर देश में खुशहाली, भाईचारे और अमन-चैन की दुआ मांगी। रमजान के इस विदाई जुमे को लेकर मुस्लिम समुदाय में विशेष उत्साह देखा गया।
अलविदा की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शहर की जामा मस्जिद और विशुनीपुर मस्जिद समेत संवेदनशील इलाकों में एएसपी दक्षिणी कृपाशंकर और कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने खुद मोर्चा संभाला। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2 एएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 125 सब इंस्पेक्टर, 392 कांस्टेबल के साथ पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहीं। अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। सिकंदरपुर कस्बे में भी अलविदा की नमाज पूरी सादगी और सौहार्द के साथ संपन्न हुई। एसडीएम सुनील कुमार और क्षेत्राधिकारी रजनीश यादव के नेतृत्व में पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहा। शाही मस्जिद और अन्य इबादतगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। नमाज के बाद इमामों ने ईद-उल-फितर की नमाज के समय की घोषणा की।
सिकंदरपुर शाही मस्जिद में सुबह 8:00 बजे और ईदगाह में सुबह 9:00 बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद सभी अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और शांतिपूर्ण ढंग से अपने घरों को लौटे।
नगर के विशुनीपुर स्थित जामा मस्जिद के मौलाना असरफ रज्जा ने बताया कि अलविदा जुमा की नमाज मस्जिद में जगह के अभाव के चलते दो बार पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि रोजेदार खुशनसीब हैं। उनके लिए रोज जन्नत सजाई जाती है। रोजेदार की मगफिरत के लिए दरिया की मछलियां दुआ करती हैं।
रोजा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि इंद्रियों पर नियंत्रण का जरिया है। असल रोजा तो वह है जब हाथ उठे तो भलाई के लिए, कान सुने तो नेकी के लिए, आंख देखें तो जायज चीजों को।
सुबह रोजेदारों ने सहरी खाई। पुरुषों ने मस्जिदों में तो महिलाओं ने घरों में नमाज एक फज्र अदा की। इसी क्रम में नरही में रोजा की अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। उजियार में मस्जिद बैतून नूर में रोजा की दूसरी नमाज अदा की गई। इसी तरह अन्य जगहों पर नमाज पढ़ी गई।
Trending Videos
जिले की कुल 374 मस्जिदों में हजारों की संख्या में रोजेदारों ने नमाज पढ़कर देश में खुशहाली, भाईचारे और अमन-चैन की दुआ मांगी। रमजान के इस विदाई जुमे को लेकर मुस्लिम समुदाय में विशेष उत्साह देखा गया।
अलविदा की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शहर की जामा मस्जिद और विशुनीपुर मस्जिद समेत संवेदनशील इलाकों में एएसपी दक्षिणी कृपाशंकर और कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने खुद मोर्चा संभाला। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2 एएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 125 सब इंस्पेक्टर, 392 कांस्टेबल के साथ पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहीं। अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। सिकंदरपुर कस्बे में भी अलविदा की नमाज पूरी सादगी और सौहार्द के साथ संपन्न हुई। एसडीएम सुनील कुमार और क्षेत्राधिकारी रजनीश यादव के नेतृत्व में पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहा। शाही मस्जिद और अन्य इबादतगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। नमाज के बाद इमामों ने ईद-उल-फितर की नमाज के समय की घोषणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिकंदरपुर शाही मस्जिद में सुबह 8:00 बजे और ईदगाह में सुबह 9:00 बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद सभी अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और शांतिपूर्ण ढंग से अपने घरों को लौटे।
नगर के विशुनीपुर स्थित जामा मस्जिद के मौलाना असरफ रज्जा ने बताया कि अलविदा जुमा की नमाज मस्जिद में जगह के अभाव के चलते दो बार पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि रोजेदार खुशनसीब हैं। उनके लिए रोज जन्नत सजाई जाती है। रोजेदार की मगफिरत के लिए दरिया की मछलियां दुआ करती हैं।
रोजा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि इंद्रियों पर नियंत्रण का जरिया है। असल रोजा तो वह है जब हाथ उठे तो भलाई के लिए, कान सुने तो नेकी के लिए, आंख देखें तो जायज चीजों को।
सुबह रोजेदारों ने सहरी खाई। पुरुषों ने मस्जिदों में तो महिलाओं ने घरों में नमाज एक फज्र अदा की। इसी क्रम में नरही में रोजा की अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। उजियार में मस्जिद बैतून नूर में रोजा की दूसरी नमाज अदा की गई। इसी तरह अन्य जगहों पर नमाज पढ़ी गई।