सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   More than 40 thousand people from 35 villages are yearning for pure drinking water.

Ballia News: 35 गांवों के 40 हजार से ज्यादा लोग शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2026 02:19 AM IST
विज्ञापन
More than 40 thousand people from 35 villages are yearning for pure drinking water.
मझौंवा क्षेत्र के गंगापुर ग्रामसभा के बलिहार गांव नल से पानी भरने की लगी भीड़।संवाद
विज्ञापन
मझौवां। गंगापुर ग्रामसभा अंतर्गत बलिहार में बनी पानी की टंकी लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही है। इस टंकी से जलापूर्ति रामगढ़-बलिहार मार्ग और एनएच-31 तक ही सीमित रह गई है।
Trending Videos

मीनापुर, चौबे छपरा, रिकनी छपरा, दुर्जनपुर, हुकुम छपरा, तेलिया टोला, शाहपुर, तिवारी टोला और केहरपुर समेत 35 गांवों के 40 हजार से ज्यादा लोग शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होते हैं। तिवारी टोला की हालत तो और भी चिंताजनक है। यहां हर गली-मोहल्ले में पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन घरों में लगे नल सिर्फ दिखावे के बनकर रह गए हैं। सरफेस वाटर योजना भी कागजों से आगे बढ़कर जमीन पर साकार नहीं हो सकी है। स्थानीय निवासी हरिशंकर मिश्र ने कहा कि आर्सेनिक युक्त पानी पीने को लोग मजबूर हैं। जब हर गली में पाइप लाइन बिछ चुकी है तो पानी घरों तक क्यों नहीं पहुंच रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेयजल किल्लत की सबसे बड़ी मार महिलाओं और बच्चों पर पड़ रही है। पानी की कमी इतनी गंभीर है कि उन्हें रोजाना 2-3 किलोमीटर पैदल चलकर भूतनाथ बाबा रामगढ़ और सब्जी बाजार के पास लगे सार्वजनिक नलों से पानी लाना पड़ता है। महिलाओं का कहना है कि टंकी से नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं की जाती है। कभी पाइप में रिसाव का बहाना बनाया जाता है तो कभी मरम्मत कार्य चलने का हवाला देकर आपूर्ति बाधित रहती है। उर्मिला देवी का कहना है कि पानी आपूर्ति के दौरान बहाव इतना कम रहता है कि घर तक पानी नहीं पहुंचता।
स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब घरों के नलों से निकलने वाला पानी चंद मिनटों में पीला पड़ जाता है। क्योंकि यह आर्सेनिक युक्त पानी है। ये धीरे-धीरे लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। लोग पहले इस पानी को उबालकर पीते थे, लेकिन अब गैस सिलिंडर की किल्लत बढ़ जाने की वजह से मजबूरन आर्सेनिक युक्त पानी पी रहे हैं। शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं होने से लोगों के शरीर में खुजली होने लगी है। हर गली और चौराहे पर लगे नल जहर उगलते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन समाधान आज तक नहीं मिला। टंकी पर तैनात ऑपरेटर निजी मोटरों को समस्या का कारण बता रहा है।
एक्सईएन जल जीवन मिशन मुकीम अहमद ने बताया कि मरम्मत का कार्य प्रस्तावित है, जिसके लिए डीपीआर बनकर थी। स्वीकृत भी हो गई है, लेकिन अभी तक धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। विभाग की आर्थिक क्षमता सीमित है, इसलिए फिलहाल व्यवस्था को अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है। जैसे ही भुगतान प्राप्त होगा, पूरी मरम्मत का कार्य एक साथ और पूर्ण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed