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Ballia News: खतरा निशान से 31 सेमी ऊपर बह रही सरयू, गंगा ने भी दिखाए तेवर
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राष्ट्रीय राजमार्ग-31 डेंजर जोन हुकुम छपरा पर टकरातीं गंगा की लहरें।।संवाद
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बलिया। जिले में बुधवार को दोनों नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव जारी रहा। सरयू नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से 31 सेमी ऊपर बह रहा है। दोनों नदियों के एक साथ बढ़ाव पर होने के कारण तटवर्ती गांवों में दहशत है। गंगा नहीं भी तेवर दिखाने लगी है। चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। लोग सुरक्षित स्थल की तलाश में जुट गए हैं। टोंस नदी में भी गंगा का पानी गिरने लगा है। खतरे के निशान 64.01 मीटर से 31 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी ने उग्र रूप अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की शाम चार बजे जलस्तर 64.32 मीटर रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटे में 31 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान किया है। इधर गंगा का जलस्तर गायघाट गेज पर खतरा बिंदु से मामूली दूरी पर रहा। जलस्तर का बढ़ाव इसी तरह से जारी रहा तो 12 घंटे के अंदर नदी खतरा बिंदु पार कर जाएगी। शाम चार बजे गायघाट गेज पर गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु 57.615 मीटर के सापेक्ष 57.22 मीटर पर बह रहा था।
50 एकड़ सब्जी की फसल डूबी
मझौवां। गंगा नदी का तेवर तल्ख होने से तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में है। हर तरफ गंगा नदी उपजाऊ भूमि को अपने पेटे में समेटती चली जा रही हैं। गंगा नदी में हो रहें बेत्तहाशा वृद्धि को देखकर प्रशासन भी अलर्ट मोड़ में है। वाराणसी कंट्रोल रूम के अनुसार गंगा नदी का वाटर लेवल प्रति घंटे 2 सेमी की दर से बढ़ रहा है जबकि वाराणसी में 4 सेमी व गाजीपुर 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढाव जारी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज के मुताबिक बुधवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 57.220 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढोत्तरी जारी हैं। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर व मीडियम फ्लड लेबल 58.615 मीटर व हाई फ्लड़ लेवल 60.390 मीटर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर में गिरावट नही होगा तो अगले 48 घंटे के अंदर इलाकों के निचले हिस्से में पानी फैल जाएगा। सोनार टोला, सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, भुसौला सहित दर्जनों गांवों का अस्तित्व संकट में पड़ जायेगा। उधर पचरुखिया, मझौवां, धरमपुरा, शुक्ल छपरा, बेलहरी, गरया, रुद्रपुर, गायघाट के लगभग 500 एकड़ खड़ी हरी सब्जियों की फसल डूब गई हैं।
100 बीघा परवल की फसल डूबी
बैरिया। जलस्तर बढ़ने से गंगा नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है। बैरिया तहसील क्षेत्र में किसानों का करीब 100 बीघा में लगी परवल की फसल पानी में डूब गई है। इधर, ग्राम समूह दुबेछपरा में गंगा नदी के बाढ़ व कटान से सुरक्षा हेतु बाढ़ से गांव पर कटान का खतरा काफी कम हो गया है। गंगा नदी में बढ़ोत्तरी के बीच कटानरोधी सुरक्षात्मक कार्य सम्पन्न होने से तटवर्तीय ग्रामीणों ने राहत की सांस लिया है। इधर, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैरिया तहसील प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। नाविकों को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए सतर्क कर दिया गया है।
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कटानरोधी कार्य पर लोगों ने खड़े किए सवाल
मझौवां। गंगा कटानरोधी कार्य में अब तक अरबों रुपये की खपत जरूर हुआ, लेकिन विभागीय भ्रष्टाचार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कटानरोधी कार्य के प्रति वे सदा उदासीन रहे है। नौरंगा, भुआल छपरा, भगवानपुर, चक्की नौरंगा के बाढ़ पीड़ित अभिनंदन ठाकुर, रवीन्द्र ठाकुर, संजय ठाकुर, रामाकांत ठाकुर आदि लोगों ने आरोप लगाया है कि बाढ़ व सिंचाई विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से जनपद के आला-अधिकारियों द्वारा हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर जेई को निगरानी रखने के लिए आदेश दिया गया है। अभी कोई खतरे की बात नहीं है बचाव कार्य के लिए विभाग अलर्ट मोड़ में है। आबादी वाले क्षेत्रों में मामूली कटान होने पर बम्बूक्रेट विधि से बचाव कार्य किये जायेंगे। - संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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50 एकड़ सब्जी की फसल डूबी
मझौवां। गंगा नदी का तेवर तल्ख होने से तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में है। हर तरफ गंगा नदी उपजाऊ भूमि को अपने पेटे में समेटती चली जा रही हैं। गंगा नदी में हो रहें बेत्तहाशा वृद्धि को देखकर प्रशासन भी अलर्ट मोड़ में है। वाराणसी कंट्रोल रूम के अनुसार गंगा नदी का वाटर लेवल प्रति घंटे 2 सेमी की दर से बढ़ रहा है जबकि वाराणसी में 4 सेमी व गाजीपुर 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढाव जारी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज के मुताबिक बुधवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 57.220 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढोत्तरी जारी हैं। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर व मीडियम फ्लड लेबल 58.615 मीटर व हाई फ्लड़ लेवल 60.390 मीटर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर में गिरावट नही होगा तो अगले 48 घंटे के अंदर इलाकों के निचले हिस्से में पानी फैल जाएगा। सोनार टोला, सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, भुसौला सहित दर्जनों गांवों का अस्तित्व संकट में पड़ जायेगा। उधर पचरुखिया, मझौवां, धरमपुरा, शुक्ल छपरा, बेलहरी, गरया, रुद्रपुर, गायघाट के लगभग 500 एकड़ खड़ी हरी सब्जियों की फसल डूब गई हैं।
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100 बीघा परवल की फसल डूबी
बैरिया। जलस्तर बढ़ने से गंगा नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है। बैरिया तहसील क्षेत्र में किसानों का करीब 100 बीघा में लगी परवल की फसल पानी में डूब गई है। इधर, ग्राम समूह दुबेछपरा में गंगा नदी के बाढ़ व कटान से सुरक्षा हेतु बाढ़ से गांव पर कटान का खतरा काफी कम हो गया है। गंगा नदी में बढ़ोत्तरी के बीच कटानरोधी सुरक्षात्मक कार्य सम्पन्न होने से तटवर्तीय ग्रामीणों ने राहत की सांस लिया है। इधर, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैरिया तहसील प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। नाविकों को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए सतर्क कर दिया गया है।
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कटानरोधी कार्य पर लोगों ने खड़े किए सवाल
मझौवां। गंगा कटानरोधी कार्य में अब तक अरबों रुपये की खपत जरूर हुआ, लेकिन विभागीय भ्रष्टाचार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कटानरोधी कार्य के प्रति वे सदा उदासीन रहे है। नौरंगा, भुआल छपरा, भगवानपुर, चक्की नौरंगा के बाढ़ पीड़ित अभिनंदन ठाकुर, रवीन्द्र ठाकुर, संजय ठाकुर, रामाकांत ठाकुर आदि लोगों ने आरोप लगाया है कि बाढ़ व सिंचाई विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से जनपद के आला-अधिकारियों द्वारा हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर जेई को निगरानी रखने के लिए आदेश दिया गया है। अभी कोई खतरे की बात नहीं है बचाव कार्य के लिए विभाग अलर्ट मोड़ में है। आबादी वाले क्षेत्रों में मामूली कटान होने पर बम्बूक्रेट विधि से बचाव कार्य किये जायेंगे। - संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड