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Ballia News: 2 महीने से ट्रू-नाट, 6 दिन से सीबी-नाट जांच बंद

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 01:57 AM IST
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True-NAAT stopped since 2 months, CB-NAAT checking stopped since 6 days
जिला अस्पताल के टीबी जांच लैब में जांच किट के अभाव में शोपीस बनी ट्रू नाट मशीन।संवाद
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बलिया। जिला अस्पताल की माइक्रोस्कोप मशीन करीब एक महीने से खराब है। इससे बलगम की जांच नहीं हो रही है। बलगम जांच से टीबी के मरीजों को चिह्नित किया जाता है।
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वहीं ट्रू नाट और सीबी नाट से भी जांच की जाती है। लेकिन ट्रू नाट की जांच दो महीने से ज्यादा समय से नहीं हो रही है क्योंकि किट नहीं है। सीबी नाट की किट भी छह दिन से खत्म है। हर महीने 1000 मरीजों की जांच होती है। लेकिन जांच नहीं होने से मरीजों चिह्नित नहीं हो पा रहे हैं। इस लापरवाही से अगर कोई टीबी से प्रभावित होगा तो आसपास के लोग भी चपेट में आ सकते हैं।
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विभाग के अनुसार मशीन ठीक है, लेकिन जांच के लिए कारट्रेज नहीं है। मंगाने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन विभाग से मुहैया नहीं कराया गया। इससे जांच प्रभावित है। इस जांच से टीबी के सामान्य मरीजों की पहचान के साथ-साथ बहु दवा प्रतिरोधी मरीजों की भी पहचान आसानी से एक ही बार में हो जाती है। जांच के लिए विभाग सिर्फ एक ही मशीन सीबी नाट पर ही निर्भर था। वह मशीन भी अब बंद है। क्योंकि जांच करने वाली किट ही उपलब्ध नहीं है।
सीबी नाट से जांच की प्रक्रिया करीब चार दिन से बंद है। हालांकि इस विधि से जांच काफी बोझिल मानी जाती है। सीबी नाट से टीबी मरीज की पहचान एक ही बार में हो जाती है। एमडीआर मरीजों की जांच के लिए पुन: जांच करानी पड़ती है। इससे समय की बर्बादी होती है। जबकि ट्रू नाट से एक ही बार में टीबी और बहु दवा प्रतिराेधी मरीज की पहचान हो जाती थी।
नगर ही नहीं बल्कि सीएचसी व पीएचसी पर भी किट नहीं है। जिससे किसी भी सरकारी अस्पताल में टीबी की जांच नहीं हो रही है। इससे बहु दवा प्रतिरोधी मरीजों के लिए ज्यादा परेशानी है। क्योंकि एमडीआर के मरीजों का चिह्नांकन करना बेहद जरूरी होता है। उनका चिह्नांकन नहीं होने से संक्रमण की चेन प्रभावित होती है। मरीजों के चिह्नांकन नहीं होने से उनके साथ रहने वालों अथवा उनके आस-पास विचरण करने वाले भी संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में टीबी की जांच को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
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