{"_id":"6a6f8c5e71c457bfd7049186","slug":"156-vocational-trainers-to-be-deployed-in-78-secondary-schools-balrampur-news-c-99-1-slko1018-152586-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: 78 माध्यमिक विद्यालयों में तैनात होंगे 156 वोकेशनल ट्रेनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: 78 माध्यमिक विद्यालयों में तैनात होंगे 156 वोकेशनल ट्रेनर
Sun, 02 Aug 2026 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर में स्थित एमपीपी इंटर कॉलेज।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जितेंद्र प्रताप सिंह
बलरामपुर। पढ़ाई को रोजगारपरक बनाने के लिए जिले के 78 राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2026-27 से व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत जिले में 156 वोकेशनल ट्रेनर की नियुक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से होगी। वोकेशनल ट्रेनर विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करेंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से बलरामपुर के 78 माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो वोकेशनल ट्रेनर की तैनाती की जानी है। इसके लिए चयनित प्रत्येक विद्यालय में दो अलग-अलग ट्रेड संचालित होंगे और प्रत्येक ट्रेड के लिए एक वोकेशनल ट्रेनर नियुक्त किया जाएगा। वोकेशनल ट्रेनर को प्रतिमाह 15000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। योजना के तहत कक्षा नौ में प्रत्येक ट्रेड में न्यूनतम 25-25 विद्यार्थियों का प्रवेश अनिवार्य होगा। वोकेशनल ट्रेनर प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण देंगे, जबकि सप्ताह में छह घंटे व्यावसायिक शिक्षा की कक्षाएं संचालित होंगी। विद्यार्थियों को रिटेल, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी, कृषि तथा मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रतिमाह होगा सत्यापन
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वोकेशनल ट्रेनर के लिए संबंधित ट्रेड में स्नातक की डिग्री, राष्ट्रीय कौशल अर्हता फ्रेमवर्क का प्रमाणपत्र और संबंधित उद्योग में कम से कम एक वर्ष का कार्यानुभव अनिवार्य किया है। प्रशिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन प्रत्येक माह विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे, जिसके बाद ही मानदेय का भुगतान होगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
छात्रों में विकसित होगी तकनीकी दक्षता
- व्यावसायिक शिक्षा शुरू होने से छात्र-छात्राओं में तकनीकी दक्षता विकसित होगी और उन्हें भविष्य में रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। सभी चयनित विद्यालयों में योजना का प्रभावी संचालन समयबद्ध ढंग से किया जाएगा।
- मृदुला आनंद, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
बलरामपुर। पढ़ाई को रोजगारपरक बनाने के लिए जिले के 78 राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2026-27 से व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत जिले में 156 वोकेशनल ट्रेनर की नियुक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से होगी। वोकेशनल ट्रेनर विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करेंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से बलरामपुर के 78 माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो वोकेशनल ट्रेनर की तैनाती की जानी है। इसके लिए चयनित प्रत्येक विद्यालय में दो अलग-अलग ट्रेड संचालित होंगे और प्रत्येक ट्रेड के लिए एक वोकेशनल ट्रेनर नियुक्त किया जाएगा। वोकेशनल ट्रेनर को प्रतिमाह 15000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। योजना के तहत कक्षा नौ में प्रत्येक ट्रेड में न्यूनतम 25-25 विद्यार्थियों का प्रवेश अनिवार्य होगा। वोकेशनल ट्रेनर प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण देंगे, जबकि सप्ताह में छह घंटे व्यावसायिक शिक्षा की कक्षाएं संचालित होंगी। विद्यार्थियों को रिटेल, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी, कृषि तथा मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन
प्रतिमाह होगा सत्यापन
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वोकेशनल ट्रेनर के लिए संबंधित ट्रेड में स्नातक की डिग्री, राष्ट्रीय कौशल अर्हता फ्रेमवर्क का प्रमाणपत्र और संबंधित उद्योग में कम से कम एक वर्ष का कार्यानुभव अनिवार्य किया है। प्रशिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन प्रत्येक माह विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे, जिसके बाद ही मानदेय का भुगतान होगा।
विज्ञापन
छात्रों में विकसित होगी तकनीकी दक्षता
- व्यावसायिक शिक्षा शुरू होने से छात्र-छात्राओं में तकनीकी दक्षता विकसित होगी और उन्हें भविष्य में रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। सभी चयनित विद्यालयों में योजना का प्रभावी संचालन समयबद्ध ढंग से किया जाएगा।
- मृदुला आनंद, जिला विद्यालय निरीक्षक