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Balrampur News: ठगी की आरोपी की जमानत खारिज
Sun, 02 Aug 2026 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:54 PM IST
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ठगी की आरोपी की जमानत खारिज
बलरामपुर। रेलवे और एयरपोर्ट में नौकरी व टेंडर दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले में आरोपी रिमझिम ओझा की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। मामला तुलसीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 186/2025 से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने पति व अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी आईबी अधिकारी और फर्म के नाम पर लोगों से रकम ली। बचाव पक्ष ने राजनीतिक दबाव में फंसाने और आपराधिक इतिहास न होने की दलील दी, लेकिन न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता, विवेचना लंबित होने और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
फर्जी बैनामे के मामले में आरोपी को मिली जमानत
बलरामपुर। रेहरा बाजार थाना क्षेत्र में फर्जी बैनामा कर सरकारी और आबादी भूमि हड़पने के आरोप में जेल भेजे गए आजाद अशराफीलाल भारत को सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई। मुकदमा संख्या 169/2026 में आरोप है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर गलत चौहद्दी दर्शाते हुए भूमि का बैनामा कराया। न्यायालय ने माना कि मामला दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित है, आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तथा सहआरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसके बाद 75 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानतदार पर सशर्त जमानत मंजूर कर दी।
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
बलरामपुर। गैड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी राजन यादव की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने खारिज कर दी। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 64(2)(एम) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज है। न्यायालय ने आदेश में कहा कि विद्यालयीय अभिलेखों के अनुसार घटना के समय पीड़िता की आयु 16 वर्ष 4 माह थी। आरोपों की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया।
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33 साल पुराने मारपीट के मामले में दोष सिद्ध
बलरामपुर। सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने 33 वर्ष पुराने सरकारी कार्य में बाधा व मारपीट के मामले में आरोपी सुभाष चंद्र की दोष सिद्ध बरकरार रखते हुए जेल भेजने के बजाय प्रोबेशन का लाभ दिया है। यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के 20 नवंबर 2023 के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर 30 जुलाई को सुनाया गया। मामला वर्ष 1994 में थाना ललिया क्षेत्र के ग्राम शिवपुरा में ग्राम समाज की भूमि पर निर्माण कार्य के दौरान राजस्व कर्मियों से मारपीट का है। अदालत ने आरोपी को अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के तहत सदाचार बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
वादिनी के नहीं पहुंचने पर दीवानी वाद खारिज
बलरामपुर। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) प्रथम की अदालत ने पैरवी के लिए वादिनी के अनुपस्थित रहने पर वर्ष 2021 से लंबित दीवानी वाद खारिज कर दिया। अदालत में सामान्य वाद संख्या-549/2021 में श्रीमती नीलियम सिंह बनाम मृदुला सिंह प्रकरण की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या-1 उपस्थित रहे, जबकि वादिनी कई बार पुकार के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुईं और न ही उनकी ओर से कोई स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। न्यायालय ने माना कि वादिनी अपने वाद के संचालन में रुचि नहीं रखती हैं। इसके बाद अदालत ने वादिनी की अनुपस्थिति में वाद खारिज करने का आदेश देते हुए पत्रावली अभिलेखागार में भेजने के निर्देश दिए।
16 साल पुराना दीवानी वाद खारिज
बलरामपुर। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी (14वें वित्त आयोग) की अदालत ने 16 वर्ष पुराने दीवानी वाद को वादी की लगातार अनुपस्थिति के चलते खारिज कर दिया। न्यायालय में सरदार हुसैन बनाम सगीर आदि वाद संख्या 596/2010 की सुनवाई के दौरान वादी उपस्थित नहीं हुआ, जबकि प्रतिवादियों के अधिवक्ता मौजूद रहे। अदालत ने कहा कि वादी ने न तो स्वयं पैरवी की और न ही अनुपस्थिति का कोई प्रार्थना पत्र दिया, जिससे स्पष्ट है कि उसे वाद के संचालन में रुचि नहीं है। इसके आधार पर न्यायालय ने आदेश 9 नियम 8 सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत वाद खारिज करते हुए पत्रावली अभिलेखागार में भेजने का आदेश दिया।
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बलरामपुर। रेलवे और एयरपोर्ट में नौकरी व टेंडर दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले में आरोपी रिमझिम ओझा की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। मामला तुलसीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 186/2025 से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने पति व अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी आईबी अधिकारी और फर्म के नाम पर लोगों से रकम ली। बचाव पक्ष ने राजनीतिक दबाव में फंसाने और आपराधिक इतिहास न होने की दलील दी, लेकिन न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता, विवेचना लंबित होने और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
फर्जी बैनामे के मामले में आरोपी को मिली जमानत
बलरामपुर। रेहरा बाजार थाना क्षेत्र में फर्जी बैनामा कर सरकारी और आबादी भूमि हड़पने के आरोप में जेल भेजे गए आजाद अशराफीलाल भारत को सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई। मुकदमा संख्या 169/2026 में आरोप है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर गलत चौहद्दी दर्शाते हुए भूमि का बैनामा कराया। न्यायालय ने माना कि मामला दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित है, आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तथा सहआरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसके बाद 75 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानतदार पर सशर्त जमानत मंजूर कर दी।
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
बलरामपुर। गैड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी राजन यादव की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने खारिज कर दी। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 64(2)(एम) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज है। न्यायालय ने आदेश में कहा कि विद्यालयीय अभिलेखों के अनुसार घटना के समय पीड़िता की आयु 16 वर्ष 4 माह थी। आरोपों की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया।
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33 साल पुराने मारपीट के मामले में दोष सिद्ध
बलरामपुर। सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने 33 वर्ष पुराने सरकारी कार्य में बाधा व मारपीट के मामले में आरोपी सुभाष चंद्र की दोष सिद्ध बरकरार रखते हुए जेल भेजने के बजाय प्रोबेशन का लाभ दिया है। यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के 20 नवंबर 2023 के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर 30 जुलाई को सुनाया गया। मामला वर्ष 1994 में थाना ललिया क्षेत्र के ग्राम शिवपुरा में ग्राम समाज की भूमि पर निर्माण कार्य के दौरान राजस्व कर्मियों से मारपीट का है। अदालत ने आरोपी को अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के तहत सदाचार बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
वादिनी के नहीं पहुंचने पर दीवानी वाद खारिज
बलरामपुर। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) प्रथम की अदालत ने पैरवी के लिए वादिनी के अनुपस्थित रहने पर वर्ष 2021 से लंबित दीवानी वाद खारिज कर दिया। अदालत में सामान्य वाद संख्या-549/2021 में श्रीमती नीलियम सिंह बनाम मृदुला सिंह प्रकरण की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या-1 उपस्थित रहे, जबकि वादिनी कई बार पुकार के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुईं और न ही उनकी ओर से कोई स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। न्यायालय ने माना कि वादिनी अपने वाद के संचालन में रुचि नहीं रखती हैं। इसके बाद अदालत ने वादिनी की अनुपस्थिति में वाद खारिज करने का आदेश देते हुए पत्रावली अभिलेखागार में भेजने के निर्देश दिए।
16 साल पुराना दीवानी वाद खारिज
बलरामपुर। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी (14वें वित्त आयोग) की अदालत ने 16 वर्ष पुराने दीवानी वाद को वादी की लगातार अनुपस्थिति के चलते खारिज कर दिया। न्यायालय में सरदार हुसैन बनाम सगीर आदि वाद संख्या 596/2010 की सुनवाई के दौरान वादी उपस्थित नहीं हुआ, जबकि प्रतिवादियों के अधिवक्ता मौजूद रहे। अदालत ने कहा कि वादी ने न तो स्वयं पैरवी की और न ही अनुपस्थिति का कोई प्रार्थना पत्र दिया, जिससे स्पष्ट है कि उसे वाद के संचालन में रुचि नहीं है। इसके आधार पर न्यायालय ने आदेश 9 नियम 8 सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत वाद खारिज करते हुए पत्रावली अभिलेखागार में भेजने का आदेश दिया।