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Balrampur News: नेपाल हिंसा के बाद सीमावर्ती 46 गांवों में हाई अलर्ट
Sun, 02 Aug 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:41 PM IST
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-बलरामपुर के नेपाल सीमा क्षेत्र में युवाओं से पूछताछ करते एसएसबी के जवान
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जरवा। नेपाल में भड़की हिंसक झड़पों के बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है। कोइलाबास खुली सीमा से लेकर जरवा और पचपेड़वा क्षेत्र के सीमावर्ती 46 गांवों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जहां एसएसबी की 9वीं बटालियन, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग के जवान संयुक्त रूप से हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।
नेपाल में उपजे तनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जंगलों के रास्तों, खुली पगडंडियों और संवेदनशील चौकियों पर दिन-रात गश्त बढ़ा दी गई है। सीमा पार से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। सभी छोटे-बड़े वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। तनाव के बाद सामान्य दिनों की तुलना में सीमा पर लोगों की आवाजाही भी कम हो गई है। सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए भारतीय सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के बीच समन्वय काफी बढ़ा दिया गया है। पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीमें सीमावर्ती 46 गांवों में लगातार पहुंच रही हैं। कोतवाली जरवा के प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सीमा क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त लगातार जारी है तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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बाजारों में पसरा सन्नाटा, आधा रह गया कारोबार
-- नेपाल में तनाव का असर सीमावर्ती बाजारों जरवा, बरदौलिया, तुलसीपुर, बालापुर में भी दिखने लगा है। कोइलाबास और आसपास के बाजारों में नेपाली ग्राहकों की संख्या घटने से कारोबार प्रभावित हुआ है। व्यापारी रामलखन ने बताया कि पहले जहां दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहती थी, अब बाजार सूने हैं। असलम अंसारी ने कहा कि बिक्री करीब आधी रह गई है, जबकि राजेश जायसवाल का कहना है कि हालात सामान्य होने के बाद ही व्यापार में फिर तेजी आने की उम्मीद है।
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-- सभी सीमा चौकियों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।
विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक
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नेपाल में उपजे तनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जंगलों के रास्तों, खुली पगडंडियों और संवेदनशील चौकियों पर दिन-रात गश्त बढ़ा दी गई है। सीमा पार से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। सभी छोटे-बड़े वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। तनाव के बाद सामान्य दिनों की तुलना में सीमा पर लोगों की आवाजाही भी कम हो गई है। सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए भारतीय सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के बीच समन्वय काफी बढ़ा दिया गया है। पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीमें सीमावर्ती 46 गांवों में लगातार पहुंच रही हैं। कोतवाली जरवा के प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सीमा क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त लगातार जारी है तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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बाजारों में पसरा सन्नाटा, आधा रह गया कारोबार
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विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक

-बलरामपुर के नेपाल सीमा क्षेत्र में युवाओं से पूछताछ करते एसएसबी के जवान

-बलरामपुर के नेपाल सीमा क्षेत्र में युवाओं से पूछताछ करते एसएसबी के जवान

-बलरामपुर के नेपाल सीमा क्षेत्र में युवाओं से पूछताछ करते एसएसबी के जवान