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Balrampur News: जिला बनने से पहले थे दो शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, अब सिर्फ इंतजार

Sun, 02 Aug 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sun, 02 Aug 2026 11:48 PM IST
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There were two teacher training institutes before it became a district; now, there is only waiting
रीता मिश्रा
बलरामपुर। जिला बनने से पहले दो स्थान पर शिक्षकों के प्रशिक्षण होते थे। बीटीसी प्रशिक्षण में प्रवेश लेने वालों को सीधे सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति मिलती थी। 1997 में जिला बनने के बाद 2005 में डायट का भवन निर्माण हो चुका है, लेकिन मान्यता अब तक नहीं मिल सकी है।
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इसी तरह अब प्रशिक्षण के बाद सहायक अध्यापक भर्ती की प्रक्रिया भी बदल गई है। पूर्व सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति के बाद डीएलएड प्रशिक्षण शुरू होने से अब सहायक अध्यापक भर्ती की प्रक्रिया टीईटी और फिर विभागीय परीक्षा पास होने के बाद पूरी होती है। बेसिक शिक्षा परिषद शिक्षक भर्ती परीक्षा से जिले में रिक्त पदों के आधार पर चयन करता है। फिलहाल जिला बनने के बाद डायट को मान्यता न मिलने से युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। योग विशेषज्ञ रचना नागपाल बताती हैं कि मुख्यालय से दूर डायट होने से जिले के प्रशिक्षुओं को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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बलरामपुर में प्रशिक्षण हासिल कर बनाया मुकाम
--सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक वीर विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने 1982 में बीटीसी का प्रशिक्षण उतरौला में संचालित प्रशिक्षण संस्थान से हासिल किया था। उस समय प्रशिक्षण संस्थान को नार्मल स्कूल कहा जाता था। प्रशिक्षण पूरा होते ही सूची बीएसए कार्यालय जाती थी और फिर सहायक अध्यापक के पद नियुक्ति मिल जाती थी। जूनियर हाईस्कूल में बतौर प्रधानाध्यापक कार्यरत रीता मिश्रा कहती हैं कि उन्होंने 1990 से 1992 तक बलरामपुर नगर में संचालित प्रशिक्षण संस्थान से बीटीसी का प्रशिक्षण लिया। बताया कि उस समय महिला प्रशिक्षुओं को नगर में ही प्रशिक्षण मिलता था। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी ने कहाकि जिला गठन के इतने वर्ष बाद भी डायट को मान्यता न मिलना गंभीर बात है। इसके लिए विभाग को प्रयास करना चाहिए।
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-- मानक की कमी के कारण मान्यता की प्रक्रिया निरस्त हुई है। मान्यता के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही नए सिरे से आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मृदुला आनंद, डायट प्राचार्य

रीता मिश्रा

रीता मिश्रा

रीता मिश्रा

रीता मिश्रा

रीता मिश्रा

रीता मिश्रा

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