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Balrampur News: निराश्रित महिला पेंशन योजना में 794 लाभार्थी मिलीं अपात्र
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:41 PM IST
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बलरामपुर। निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों के सत्यापन में बड़ी संख्या में अपात्र महिलाएं चिह्नित हुई हैं। जिले में कराए गए सत्यापन के दौरान 794 ऐसी महिलाओं के नाम सामने आए हैं, जो योजना की पात्रता की शर्तों पर खरी नहीं उतर रहीं। इनमें सबसे अधिक 771 ऐसे मामले हैं, जिनमें लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके खातों में पेंशन की किस्तें जाती रहीं। वहीं 23 महिलाएं पुनर्विवाह अथवा अन्य कारणों से अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ लेती मिली हैं।
जिले में वर्तमान में 35,423 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना से लाभान्वित हैं। इनमें से 34,714 लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें लाभार्थियों की स्थिति में बदलाव होने के बावजूद उनका नाम योजना से नहीं हटाया गया था।
बीते वर्ष हुए सत्यापन अभियान में भी 22 महिलाएं पुनर्विवाह के बाद पेंशन प्राप्त करती पाई गई थीं। इस बार 23 और महिलाओं के ऐसे मामले सामने आने के बाद पुनर्विवाह के बावजूद लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या 45 पहुंच गई है। जिले में यह योजना उन महिलाओं के लिए संचालित है जिनके पति का निधन हो चुका है और जिनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता चार किस्तों में उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। लाभार्थी के लिए जिले का स्थायी निवासी होना, आयु 18 वर्ष से अधिक होना तथा परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होना अनिवार्य है। महिला कल्याण विभाग अब चिह्नित सभी मामलों का दोबारा सत्यापन कराएगा। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों और उपजिलाधिकारियों के स्तर से पुनः जांच कराई जाएगी। जांच में अपात्रता की पुष्टि होने के बाद संबंधित लाभार्थियों का नाम पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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जिले में वर्तमान में 35,423 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना से लाभान्वित हैं। इनमें से 34,714 लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें लाभार्थियों की स्थिति में बदलाव होने के बावजूद उनका नाम योजना से नहीं हटाया गया था।
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बीते वर्ष हुए सत्यापन अभियान में भी 22 महिलाएं पुनर्विवाह के बाद पेंशन प्राप्त करती पाई गई थीं। इस बार 23 और महिलाओं के ऐसे मामले सामने आने के बाद पुनर्विवाह के बावजूद लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या 45 पहुंच गई है। जिले में यह योजना उन महिलाओं के लिए संचालित है जिनके पति का निधन हो चुका है और जिनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता चार किस्तों में उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। लाभार्थी के लिए जिले का स्थायी निवासी होना, आयु 18 वर्ष से अधिक होना तथा परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होना अनिवार्य है। महिला कल्याण विभाग अब चिह्नित सभी मामलों का दोबारा सत्यापन कराएगा। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों और उपजिलाधिकारियों के स्तर से पुनः जांच कराई जाएगी। जांच में अपात्रता की पुष्टि होने के बाद संबंधित लाभार्थियों का नाम पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।