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Balrampur News: देवीपाटन मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:59 PM IST
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-बलरामपुर के शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु ।-संवाद
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तुलसीपुर। प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुए दर्शन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंदिर प्रशासन के मुताबिक तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां पाटेश्वरी के दर्शन किए। पूरे दिन मंदिर परिसर जय माता दी के जयघोष से गूंजता रहा।
शुक्रवार को भोर में मंदिर के पीठाधीश्वर मिथलेशनाथ योगी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां की आरती उतारी और विधिविधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मां को हलवे का विशेष भोग लगाया गया, जिसे बाद में भंडारे के माध्यम से प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि मां को हलवा और अक्षत अत्यंत प्रिय हैं और यहां चढ़ाया गया अक्षत श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
श्रद्धालु चुनरी, नारियल और अन्य पूजन सामग्री लेकर पहुंचे और विधिविधान से अर्पित किया। मुख्य मंदिर में दर्शन के बाद भक्तों ने काल भैरव, आकाश भैरव और बटुक भैरव के भी दर्शन किए। दर्शन करने आईं श्रद्धालु आशा और सुनीता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मां के दरबार में आकर उन्हें असीम मानसिक शांति की अनुभूति होती है। वहीं राजीव कुमार, शिवम और अनीता ने बताया कि वे हर वर्ष नवरात्र में यहां आते हैं और मां के चरणों में शीश नवाकर उन्हें जो आत्मबल मिलता है, वह अनमोल है।
आज जरवा पहुंचेगी पीररतन नाथ की शोभायात्रा
जरवा। नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को सिद्ध संत पीररतन नाथ की भव्य शोभायात्रा नेपाल से भारत पहुंचेगी, जो भारत-नेपाल मैत्री का प्रतीक मानी जाती है। यह यात्रा नेपाल के दांग जिले के चौखड़ा आश्रम से चलकर कोयलाबास होते हुए भारत सीमा जरवा में प्रवेश करेगी। मुक्तेश्वर नाथ महादेव मंदिर के पुजारी प्रदीप पांडेय और शोभायात्रा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब 300 नेपाली श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए सुबह छह बजे सीमा पर पहुंचेंगे। जहां उनका पुष्प वर्षा और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद यात्रा जनकपुर स्थित मुक्तेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचेगी। शनिवार शाम तीन से सात बजे तक श्रद्धालुओं को पीररतन नाथ के दर्शन का अवसर मिलेगा। रविवार विश्राम के बाद पंचमी के दिन यह यात्रा तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के लिए रवाना होगी।
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शुक्रवार को भोर में मंदिर के पीठाधीश्वर मिथलेशनाथ योगी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां की आरती उतारी और विधिविधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मां को हलवे का विशेष भोग लगाया गया, जिसे बाद में भंडारे के माध्यम से प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि मां को हलवा और अक्षत अत्यंत प्रिय हैं और यहां चढ़ाया गया अक्षत श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
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श्रद्धालु चुनरी, नारियल और अन्य पूजन सामग्री लेकर पहुंचे और विधिविधान से अर्पित किया। मुख्य मंदिर में दर्शन के बाद भक्तों ने काल भैरव, आकाश भैरव और बटुक भैरव के भी दर्शन किए। दर्शन करने आईं श्रद्धालु आशा और सुनीता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मां के दरबार में आकर उन्हें असीम मानसिक शांति की अनुभूति होती है। वहीं राजीव कुमार, शिवम और अनीता ने बताया कि वे हर वर्ष नवरात्र में यहां आते हैं और मां के चरणों में शीश नवाकर उन्हें जो आत्मबल मिलता है, वह अनमोल है।
आज जरवा पहुंचेगी पीररतन नाथ की शोभायात्रा
जरवा। नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को सिद्ध संत पीररतन नाथ की भव्य शोभायात्रा नेपाल से भारत पहुंचेगी, जो भारत-नेपाल मैत्री का प्रतीक मानी जाती है। यह यात्रा नेपाल के दांग जिले के चौखड़ा आश्रम से चलकर कोयलाबास होते हुए भारत सीमा जरवा में प्रवेश करेगी। मुक्तेश्वर नाथ महादेव मंदिर के पुजारी प्रदीप पांडेय और शोभायात्रा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब 300 नेपाली श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए सुबह छह बजे सीमा पर पहुंचेंगे। जहां उनका पुष्प वर्षा और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद यात्रा जनकपुर स्थित मुक्तेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचेगी। शनिवार शाम तीन से सात बजे तक श्रद्धालुओं को पीररतन नाथ के दर्शन का अवसर मिलेगा। रविवार विश्राम के बाद पंचमी के दिन यह यात्रा तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के लिए रवाना होगी।