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Balrampur News: नेपाल से पानी छोड़े जाने की सूचना पर प्रशासन अलर्ट, एसडीएम ने परखी बाढ़ तैयारियां
Tue, 04 Aug 2026 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:09 PM IST
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फोटो-8-बलरामपुर के उतरौला में बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण करते एसडीएम ।-स्रोत: विभाग
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उतरौला। नेपाल से पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद तहसील प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए उप जिलाधिकारी योगेंद्र शरण शाह ने मंगलवार को बाढ़ राहत केंद्रों और चौकियों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों को मुस्तैदी से ड्यूटी करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने वरायल, बारम और अल्लीपुर बुजुर्ग स्थित बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल भी मौजूद रहे।
तहसील उतरौला के 135 ग्राम पंचायतें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं, जबकि इनमें से 55 गांव अति संवेदनशील श्रेणी में हैं। बाढ़ के दौरान इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट जाता है और आवागमन के लिए नाव ही प्रमुख साधन रह जाता है। मस्तीजोत, लखमा, चंदापुर, नंदमहरा, बायभीत, मोहनजोत, लालनगर, किलौली, महुवाधनी, परसौना, सोनहत और रसूलाबाद समेत कई गांवों को संवेदनशील सूची में रखा गया है।
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प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए लालता प्रसाद महाविद्यालय श्रीदत्तगंज, राजकीय इंटर कॉलेज दारी चौरा, बीज गोदाम उतरौला, तहसील मुख्यालय और पीड़िया बुजुर्ग में पांच बाढ़ राहत केंद्र बनाए हैं। इसके अलावा 12 बाढ़ चौकियों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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एसडीएम ने वरायल, बारम और अल्लीपुर बुजुर्ग स्थित बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल भी मौजूद रहे।
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तहसील उतरौला के 135 ग्राम पंचायतें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं, जबकि इनमें से 55 गांव अति संवेदनशील श्रेणी में हैं। बाढ़ के दौरान इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट जाता है और आवागमन के लिए नाव ही प्रमुख साधन रह जाता है। मस्तीजोत, लखमा, चंदापुर, नंदमहरा, बायभीत, मोहनजोत, लालनगर, किलौली, महुवाधनी, परसौना, सोनहत और रसूलाबाद समेत कई गांवों को संवेदनशील सूची में रखा गया है।
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प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए लालता प्रसाद महाविद्यालय श्रीदत्तगंज, राजकीय इंटर कॉलेज दारी चौरा, बीज गोदाम उतरौला, तहसील मुख्यालय और पीड़िया बुजुर्ग में पांच बाढ़ राहत केंद्र बनाए हैं। इसके अलावा 12 बाढ़ चौकियों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।