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Balrampur News: बाढ़ से पहले सतर्कता की पाठशाला, गांवों में सिखाए बचाव के गुर
Sun, 02 Aug 2026 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:05 AM IST
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गांवों में सिखाए बचाव के गुर
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बलरामपुर। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में लोगों को पहले से तैयार करने की मुहिम तेज कर दी है। शनिवार को सदर तहसील के बेल्हा और करमहना तथा गैसड़ी तहसील के कोइलखार और सहियापुर गांवों में बाढ़ राहत चौपाल आयोजित की गई। इसमें एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी के जवानों ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को बाढ़ से पहले, दौरान और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
एसडीआरएफ प्रभारी कार्तिकेय मिश्रा ने बताया कि बाढ़ की चेतावनी मिलते ही परिवार के सभी सदस्य जरूरी सामान पहले से तैयार रखें। सूखा राशन, पीने का पानी, दवाइयां, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी और आवश्यक दस्तावेज प्लास्टिक में सुरक्षित रखकर ऊंचे स्थान पर रखें। बिजली का मुख्य स्विच और गैस सिलेंडर बंद कर दें तथा मवेशियों और कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी सूचनाओं पर लगातार नजर रखें तथा किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। बाढ़ आने पर राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें।
बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाएं। बिजली के उपकरणों का उपयोग बंद रखें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन या जिला कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करें। बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद घर में प्रवेश करने से पहले भवन और बिजली के तारों की जांच अवश्य करा लें। केवल उबला या क्लोरीनयुक्त पानी ही पिएं। बुखार, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। आपदा के समय झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय चिकित्सकीय सहायता लेने पर जोर दिया गया।
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फ्लड पीएसी 30वीं वाहिनी गोंडा के प्रभारी चुम्मन दूबे, मास्टर ट्रेनर रमजान अली अंसारी, संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, लेखपाल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने लोगों से अपील की कि बाढ़ संबंधी किसी भी आपात स्थिति में जिला कंट्रोल रूम के नंबर 05263-1077 और 9170277336 या 108 एम्बुलेंस सेवा पर तत्काल सूचना दें।
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एसडीआरएफ प्रभारी कार्तिकेय मिश्रा ने बताया कि बाढ़ की चेतावनी मिलते ही परिवार के सभी सदस्य जरूरी सामान पहले से तैयार रखें। सूखा राशन, पीने का पानी, दवाइयां, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी और आवश्यक दस्तावेज प्लास्टिक में सुरक्षित रखकर ऊंचे स्थान पर रखें। बिजली का मुख्य स्विच और गैस सिलेंडर बंद कर दें तथा मवेशियों और कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी सूचनाओं पर लगातार नजर रखें तथा किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। बाढ़ आने पर राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें।
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बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाएं। बिजली के उपकरणों का उपयोग बंद रखें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन या जिला कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करें। बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद घर में प्रवेश करने से पहले भवन और बिजली के तारों की जांच अवश्य करा लें। केवल उबला या क्लोरीनयुक्त पानी ही पिएं। बुखार, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। आपदा के समय झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय चिकित्सकीय सहायता लेने पर जोर दिया गया।
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फ्लड पीएसी 30वीं वाहिनी गोंडा के प्रभारी चुम्मन दूबे, मास्टर ट्रेनर रमजान अली अंसारी, संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, लेखपाल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने लोगों से अपील की कि बाढ़ संबंधी किसी भी आपात स्थिति में जिला कंट्रोल रूम के नंबर 05263-1077 और 9170277336 या 108 एम्बुलेंस सेवा पर तत्काल सूचना दें।