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Balrampur News: देवीपाटन मंदिर में भक्तों ने की शिव-शक्ति की अराधना
Sun, 02 Aug 2026 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:02 AM IST
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देवीपाटन मंदिर में भक्तों ने की शिव-शक्ति की अराधना
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तुलसीपुर। सावन मास की शुरुआत के साथ ही शक्तिपीठ देवीपाटन धाम में आस्था का अनुपम संगम दिखाई देने लगा है। मंदिर में सुबह से ही जय मां पाटेश्वरी और हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज रही। मां के दरबार में शीश नवाने और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए कई जिलों और नेपाल से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
पौराणिक मान्यता है कि इसी पावन स्थल पर माता सती का वाम स्कंध (बायां कंधा) गिरा था, जिसके कारण यहां शक्तिपीठ की स्थापना हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा रामनाथ योगी ने बताया कि सावन का महीना मां पाटेश्वरी की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु लाल चुनरी, नारियल और श्रृंगार सामग्री अर्पित कर परिवार की खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं।
दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु ईशा शर्मा ने कहा कि सावन में मां पाटेश्वरी और भगवान शिव के एक साथ दर्शन करना जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है।वहीं श्रद्धालु आरोही ने कहा कि दर्शन के बाद मंदिर के बाहर सजा मेला इस धार्मिक यात्रा को और भी यादगार बना देता है।
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पूजा सामग्री, पारंपरिक मिठाइयों, खिलौनों और स्थानीय हस्तशिल्प की दुकानों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात है, जबकि पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता और कतारबद्ध दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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पौराणिक मान्यता है कि इसी पावन स्थल पर माता सती का वाम स्कंध (बायां कंधा) गिरा था, जिसके कारण यहां शक्तिपीठ की स्थापना हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा रामनाथ योगी ने बताया कि सावन का महीना मां पाटेश्वरी की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु लाल चुनरी, नारियल और श्रृंगार सामग्री अर्पित कर परिवार की खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं।
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दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु ईशा शर्मा ने कहा कि सावन में मां पाटेश्वरी और भगवान शिव के एक साथ दर्शन करना जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है।वहीं श्रद्धालु आरोही ने कहा कि दर्शन के बाद मंदिर के बाहर सजा मेला इस धार्मिक यात्रा को और भी यादगार बना देता है।
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पूजा सामग्री, पारंपरिक मिठाइयों, खिलौनों और स्थानीय हस्तशिल्प की दुकानों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात है, जबकि पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता और कतारबद्ध दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।