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Balrampur News: डीएम कार्यालय में नौकरी का झांसा देकर भाई-बहन से 8.81 लाख ठगे
Sat, 11 Jul 2026 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:06 PM IST
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बलरामपुर। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर भाई-बहन से 8.81 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रेहराबाजार क्षेत्र के एक युवक ने पहले किरायेदार बनकर परिवार का विश्वास जीता और बाद में खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ऐंठ लिए। नगर कोतवाली पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
शहर निवासी शालिनी वर्मा ने रेहराबाजार क्षेत्र के बनकटवा सराय खास निवासी मनोज कुमार चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार मार्च 2025 में मनोज कुमार चौहान शालिनी के घर किराये पर रहने आया था। उसने खुद को पहले तहसील तुलसीपुर में कनिष्ठ सहायक और बाद में जिलाधिकारी कार्यालय के राजस्व विभाग में लेखाकार बताया। मोबाइल फोन पर नियुक्ति पत्र दिखाकर उसने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया।
आरोप है कि इसके बाद उसने परिवार की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने दावा किया कि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी से उसके अच्छे संबंध हैं और वह आसानी से नौकरी लगवा सकता है।
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भाई की नौकरी के नाम पर लिए 5.01 लाख रुपये
एफआईआर के मुताबिक आरोपी ने शालिनी के भाई को राजस्व विभाग में अमीन पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उसने कहा कि भर्ती प्रक्रिया चल रही है और समय पर रुपये नहीं दिए गए तो अवसर हाथ से निकल जाएगा। नौकरी की उम्मीद में परिवार ने युवती की शादी के लिए जमा एफडी तक तुड़वा दी।
शिकायत के अनुसार सबसे पहले आरोपी के रिश्तेदार के बैंक खाते में 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद नकद और ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग किस्तों में कुल 5.01 लाख रुपये ले लिए गए।
बहन को भी नौकरी का झांसा देकर वसूले रुपये
आरोप है कि भाई की नौकरी में देरी होने के बाद आरोपी ने शालिनी को भी जिलाधिकारी कार्यालय में बाबू पद पर नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके लिए चार लाख रुपये की मांग की गई। पहले 50 हजार रुपये सीट आरक्षित कराने के नाम पर लिए गए और बाद में नकद व गूगल-पे के माध्यम से 3.80 लाख रुपये और ले लिए गए।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर भेजा डीएम कार्यालय
शिकायत के अनुसार लगातार टालमटोल के बाद आरोपी एक दिन अमीन पद का कथित नियुक्ति पत्र लेकर आया और शालिनी से उसे लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में ज्वाइन करने को कहा। जब शालिनी नियुक्ति पत्र लेकर कार्यालय पहुंची तो अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ है। इसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पीड़िता का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी किराये के कमरे में ताला लगाकर फरार हो गया। फोन पर संपर्क करने पर उसने कथित तौर पर गाली-गलौज की और शिकायत करने पर जान से मारने तथा परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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शहर निवासी शालिनी वर्मा ने रेहराबाजार क्षेत्र के बनकटवा सराय खास निवासी मनोज कुमार चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार मार्च 2025 में मनोज कुमार चौहान शालिनी के घर किराये पर रहने आया था। उसने खुद को पहले तहसील तुलसीपुर में कनिष्ठ सहायक और बाद में जिलाधिकारी कार्यालय के राजस्व विभाग में लेखाकार बताया। मोबाइल फोन पर नियुक्ति पत्र दिखाकर उसने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया।
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आरोप है कि इसके बाद उसने परिवार की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने दावा किया कि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी से उसके अच्छे संबंध हैं और वह आसानी से नौकरी लगवा सकता है।
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भाई की नौकरी के नाम पर लिए 5.01 लाख रुपये
एफआईआर के मुताबिक आरोपी ने शालिनी के भाई को राजस्व विभाग में अमीन पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उसने कहा कि भर्ती प्रक्रिया चल रही है और समय पर रुपये नहीं दिए गए तो अवसर हाथ से निकल जाएगा। नौकरी की उम्मीद में परिवार ने युवती की शादी के लिए जमा एफडी तक तुड़वा दी।
शिकायत के अनुसार सबसे पहले आरोपी के रिश्तेदार के बैंक खाते में 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद नकद और ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग किस्तों में कुल 5.01 लाख रुपये ले लिए गए।
बहन को भी नौकरी का झांसा देकर वसूले रुपये
आरोप है कि भाई की नौकरी में देरी होने के बाद आरोपी ने शालिनी को भी जिलाधिकारी कार्यालय में बाबू पद पर नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके लिए चार लाख रुपये की मांग की गई। पहले 50 हजार रुपये सीट आरक्षित कराने के नाम पर लिए गए और बाद में नकद व गूगल-पे के माध्यम से 3.80 लाख रुपये और ले लिए गए।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर भेजा डीएम कार्यालय
शिकायत के अनुसार लगातार टालमटोल के बाद आरोपी एक दिन अमीन पद का कथित नियुक्ति पत्र लेकर आया और शालिनी से उसे लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में ज्वाइन करने को कहा। जब शालिनी नियुक्ति पत्र लेकर कार्यालय पहुंची तो अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ है। इसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पीड़िता का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी किराये के कमरे में ताला लगाकर फरार हो गया। फोन पर संपर्क करने पर उसने कथित तौर पर गाली-गलौज की और शिकायत करने पर जान से मारने तथा परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।