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Balrampur News: कहीं फाल्ट तो कहीं तार बदलने के नाम पर पांच से 10 घंटे की कटौती
Sat, 11 Jul 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:08 PM IST
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फोटो-25-बलरामपुर के नगर पालिका वार्ड में तार लगाते कर्मी ।-स्रोत: विभाग
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बलरामपुर। जिले में इन दिनों बिजली कटौती की समस्या गंभीर होती जा रही है। तार बदलने और तकनीकी खराबी का हवाला देकर शहर से लेकर गांव तक कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। 24 घंटे बिजली आपूर्ति का विभागीय दावा उपभोक्ताओं को राहत नहीं दे पा रहा है। दिन और रात लगातार हो रही कटौती से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
जिला मुख्यालय के पहलवारा फीडर और मुख्य बाजार फीडर में ब्रेकडाउन के कारण करीब दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं वीर विनय चौराहा के पास तकनीकी खराबी के चलते ढाई घंटे तक बिजली गुल रही। धर्मपुर फीडर में शुक्रवार रात करीब दो बजे बिल्ली के कूदने से फाल्ट आ गया, जिससे धर्मपुर, फुलवरिया बाईपास और औद्योगिक क्षेत्र में लगभग तीन घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। रात में बिजली कटने से औद्योगिक क्षेत्र का काम प्रभावित हुआ और लोगों की नींद भी खराब हुई।
उपभोक्ता रमेश, पंकज और मोहन प्रकाश ने बताया कि बारिश के मौसम में बिजली कटौती की समस्या और बढ़ गई है। थोड़ी बारिश होते ही बिजली चली जाती है और कई घंटे बाद ही बहाल हो पाती है।
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नगर पालिका क्षेत्र के एक वार्ड में शनिवार को तार बदलने के नाम पर करीब पांच घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। हालांकि इस दौरान नए तार लगाए गए।
महराजगंज तराई क्षेत्र में तकनीकी खराबी के कारण चार दिनों से 15 गांवों की बिजली व्यवस्था प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न मिलने से रात में परेशानी और दिन में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
तुलसीपुर उपकेंद्र के कौवापुर फीडर की बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है। करीब एक हजार घरों में अंधेरा छाया है। ग्रामीण इंद्रजीत वर्मा, गुरु प्रसाद, सुनील कुमार, अशोक, संजय कुमार, भारत लाल, भूरे और वैद्यनाथ ने बताया कि उदईपुर, जुड़ावनडीह, फाजिलडीह और गांधीगांव में चार दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ललिया क्षेत्र के हरैया और लक्ष्मणपुर फीडर से जुड़े करीब 15 गांवों में 10 घंटे तक अघोषित कटौती हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। आपूर्ति मिलने पर भी लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
तरुण कुमार शुक्ल, रंजीत कुमार शुक्ल, विपुल मिश्र, विमल पाठक, शेर बहादुर और मनीष ने बताया कि पंडितपुरवा, रामगढ़िया, परक्रैला, जोगीपूर्व, साधुपुरवा, मथुरा बाजार, नींबा, महाराजगंज जमुनी और प्राणपुर समेत कई गांवों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। बरसात के मौसम में बिजली न रहने से जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ जाता है।
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जिला मुख्यालय के पहलवारा फीडर और मुख्य बाजार फीडर में ब्रेकडाउन के कारण करीब दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं वीर विनय चौराहा के पास तकनीकी खराबी के चलते ढाई घंटे तक बिजली गुल रही। धर्मपुर फीडर में शुक्रवार रात करीब दो बजे बिल्ली के कूदने से फाल्ट आ गया, जिससे धर्मपुर, फुलवरिया बाईपास और औद्योगिक क्षेत्र में लगभग तीन घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। रात में बिजली कटने से औद्योगिक क्षेत्र का काम प्रभावित हुआ और लोगों की नींद भी खराब हुई।
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उपभोक्ता रमेश, पंकज और मोहन प्रकाश ने बताया कि बारिश के मौसम में बिजली कटौती की समस्या और बढ़ गई है। थोड़ी बारिश होते ही बिजली चली जाती है और कई घंटे बाद ही बहाल हो पाती है।
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नगर पालिका क्षेत्र के एक वार्ड में शनिवार को तार बदलने के नाम पर करीब पांच घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। हालांकि इस दौरान नए तार लगाए गए।
महराजगंज तराई क्षेत्र में तकनीकी खराबी के कारण चार दिनों से 15 गांवों की बिजली व्यवस्था प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न मिलने से रात में परेशानी और दिन में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
तुलसीपुर उपकेंद्र के कौवापुर फीडर की बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है। करीब एक हजार घरों में अंधेरा छाया है। ग्रामीण इंद्रजीत वर्मा, गुरु प्रसाद, सुनील कुमार, अशोक, संजय कुमार, भारत लाल, भूरे और वैद्यनाथ ने बताया कि उदईपुर, जुड़ावनडीह, फाजिलडीह और गांधीगांव में चार दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ललिया क्षेत्र के हरैया और लक्ष्मणपुर फीडर से जुड़े करीब 15 गांवों में 10 घंटे तक अघोषित कटौती हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। आपूर्ति मिलने पर भी लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
तरुण कुमार शुक्ल, रंजीत कुमार शुक्ल, विपुल मिश्र, विमल पाठक, शेर बहादुर और मनीष ने बताया कि पंडितपुरवा, रामगढ़िया, परक्रैला, जोगीपूर्व, साधुपुरवा, मथुरा बाजार, नींबा, महाराजगंज जमुनी और प्राणपुर समेत कई गांवों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। बरसात के मौसम में बिजली न रहने से जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ जाता है।
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