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Balrampur News: तीन दिन की बारिश से मौसम सुहाना, धान की रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
Sat, 11 Jul 2026 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:06 PM IST
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फोटो-15-बलरामपुर में बारिश होने के बाद धान की रोपाई करते किसान ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं खेतों में पर्याप्त नमी और पानी मिलने से धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है। सिंचाई का खर्च बचने से किसान भी खुश हैं। हालांकि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में भी दो दिनों से पानी भरा हुआ है।
कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। किसान भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। लगातार बारिश के बाद खेतों में पानी और पर्याप्त नमी होने से धान की रोपाई तेज हो गई है। किसानों का कहना है कि बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च बच गया है।
शहर के जिला मेमोरियल अस्पताल परिसर में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से पानी भर गया है। तुलसीपार्क मोहल्ले में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
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तुलसीपुर सीएचसी परिसर में जमा पानी से मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत ने बताया कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पंचायत प्रशासन और उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही जलनिकासी की व्यवस्था कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
बारिश से फिर हरी-भरी हुई धान की बेरन
लगातार बारिश का सबसे अधिक लाभ खरीफ की फसलों को मिला है। धान के अलावा तिल, अरहर और बाजरे की फसल के लिए भी बारिश फायदेमंद साबित हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन में सबसे अधिक धान की खेती की जाती है।
बारिश में देरी के कारण किसान धान की बेरन खराब होने और सफेदा रोग की आशंका को लेकर चिंतित थे, लेकिन लगातार बारिश से धान की बेरन फिर से हरी-भरी हो गई है। हालांकि जिन किसानों की मक्का फसल अभी खेतों में खड़ी है और कटाई नहीं हो सकी है, उनके लिए लगातार बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है।
किसान कृष्ण कुमार, शिवलाल, करन सिंह, मनोज तिवारी और उस्मान ने बताया कि बारिश से धान, गन्ना, अरहर, तिल और मक्का की फसलों को लाभ मिला है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार अच्छी होने की उम्मीद है।
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कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। किसान भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। लगातार बारिश के बाद खेतों में पानी और पर्याप्त नमी होने से धान की रोपाई तेज हो गई है। किसानों का कहना है कि बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च बच गया है।
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शहर के जिला मेमोरियल अस्पताल परिसर में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से पानी भर गया है। तुलसीपार्क मोहल्ले में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
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तुलसीपुर सीएचसी परिसर में जमा पानी से मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत ने बताया कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पंचायत प्रशासन और उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही जलनिकासी की व्यवस्था कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
बारिश से फिर हरी-भरी हुई धान की बेरन
लगातार बारिश का सबसे अधिक लाभ खरीफ की फसलों को मिला है। धान के अलावा तिल, अरहर और बाजरे की फसल के लिए भी बारिश फायदेमंद साबित हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन में सबसे अधिक धान की खेती की जाती है।
बारिश में देरी के कारण किसान धान की बेरन खराब होने और सफेदा रोग की आशंका को लेकर चिंतित थे, लेकिन लगातार बारिश से धान की बेरन फिर से हरी-भरी हो गई है। हालांकि जिन किसानों की मक्का फसल अभी खेतों में खड़ी है और कटाई नहीं हो सकी है, उनके लिए लगातार बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है।
किसान कृष्ण कुमार, शिवलाल, करन सिंह, मनोज तिवारी और उस्मान ने बताया कि बारिश से धान, गन्ना, अरहर, तिल और मक्का की फसलों को लाभ मिला है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार अच्छी होने की उम्मीद है।