{"_id":"6a6e3991ec42e66c390f10f0","slug":"cattle-shelters-to-be-improved-self-help-groups-to-get-employment-balrampur-news-c-99-1-slko1019-152557-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: गोआश्रय स्थल होंगे बेहतर, स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: गोआश्रय स्थल होंगे बेहतर, स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार
Sat, 01 Aug 2026 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
बैठक करते अधिकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल तेज हुई है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में गो संरक्षण एवं पशुचिकित्सा विभाग, जिला स्वच्छता समिति, ग्राम्य विकास विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की संयुक्त बैठक हुई। इसमें डीएम ने अधिकारियों को स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी मार्केट लिंकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़े और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
बैठक में डीएम ने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और विपणन प्लेटफॉर्म के माध्यम से समूहों को अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाए। समीक्षा के दौरान गो संरक्षण की व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 72 गो आश्रय स्थल, तीन वृहद गो संरक्षण केंद्र, तीन कान्हा गौशाला और 10 कांजी हाउस में 13,142 गोवंश संरक्षित हैं। डीएम ने सभी गोआश्रय स्थलों पर हरा चारा, स्वच्छ पेयजल और नियमित पशु चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।
विज्ञापन
बैठक में डीएम ने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और विपणन प्लेटफॉर्म के माध्यम से समूहों को अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाए। समीक्षा के दौरान गो संरक्षण की व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 72 गो आश्रय स्थल, तीन वृहद गो संरक्षण केंद्र, तीन कान्हा गौशाला और 10 कांजी हाउस में 13,142 गोवंश संरक्षित हैं। डीएम ने सभी गोआश्रय स्थलों पर हरा चारा, स्वच्छ पेयजल और नियमित पशु चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।
विज्ञापन