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Balrampur News: हाईस्कूल गणित पेपर में हुई थी नकल, एफआईआर दर्ज
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बलरामपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा के दौरान नकल कराने का वीडियो वायरल होने के मामले में जांच के बाद कोतवाली देहात में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा केंद्र के केंद्र व्यवस्थापक को नामजद किया गया है, जबकि आंतरिक सचल दल व कक्ष संख्या-8 के कक्ष निरीक्षक भी आरोपी बनाए गए हैं। घटना ने बोर्ड परीक्षा की शुचिता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला पब्लिक सिटी मांटेसरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अगरहवा बलरामपुर परीक्षा केंद्र से जुड़ा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक संचालित हो रही हैं। इस केंद्र पर श्रवण कुमार शुक्ल को केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किया गया था। एफआईआर में दर्ज तथ्यों के अनुसार 27 फरवरी को प्रथम पाली में आयोजित हाईस्कूल की गणित विषय की परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 08 में ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षक ने विद्यार्थियों से पर्चियां लेकर उत्तर लिखवाने से संबंधित एक वीडियो क्लिप किसी छात्र ने मोबाइल से बना ली थी। बाद में यह वीडियो अधिकारियों के नंबर पर भेज दिया।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) मृदुला आनंद ने राजकीय हाईस्कूल मधवनगर के प्रधानाचार्य चंदन कुमार पांडेय को जांच के लिए नामित किया है। प्रधानाचार्य पहली फरवरी को परीक्षा केंद्र की जांच की और वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित विद्यार्थियों से पूछताछ की। जांच के दौरान वीडियो में दिख रहे विद्यार्थी की पहचान की गई।
उत्तर लिखवाने के लिए पर्चियां इकट्ठा की थीं
पूछताछ में यह भी सामने आया कि वीडियो उसी दिन परीक्षा कक्ष में बनाया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 08 में कक्ष निरीक्षक ने उत्तर लिखवाने के लिए पर्चियां इकट्ठा की थीं। इसके बाद किसी छात्र ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात केंद्र व्यवस्थापक, आंतरिक सचल दल तथा कक्ष निरीक्षक की शिथिल निगरानी के कारण यह घटना संभव हो सकी और परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग से स्वीकृति प्राप्त की गई। इसके बाद मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर वाह्य केंद्र व्यवस्थापक मधुसूधन पासवान की तहरीर पर कोतवाली देहात में केंद्र व्यवस्थापक श्रवण कुमार शुक्ल को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
परीक्षा की व्यवस्था पर उठे सवाल, बढ़ी सतर्कता
इस पूरे मामले ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों को मोबाइल फोन ले जाने की सख्त मनाही होती है, इसके बावजूद परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा और वीडियो कैसे बनाया गया, यह बड़ा प्रश्न है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र पर तैनात निगरानी दल और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच कराई जा रही है। वहीं प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और कड़ाई बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। अन्य बिंदुओं की अभी जांच हो रही है।
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मामला पब्लिक सिटी मांटेसरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अगरहवा बलरामपुर परीक्षा केंद्र से जुड़ा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक संचालित हो रही हैं। इस केंद्र पर श्रवण कुमार शुक्ल को केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किया गया था। एफआईआर में दर्ज तथ्यों के अनुसार 27 फरवरी को प्रथम पाली में आयोजित हाईस्कूल की गणित विषय की परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 08 में ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षक ने विद्यार्थियों से पर्चियां लेकर उत्तर लिखवाने से संबंधित एक वीडियो क्लिप किसी छात्र ने मोबाइल से बना ली थी। बाद में यह वीडियो अधिकारियों के नंबर पर भेज दिया।
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जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) मृदुला आनंद ने राजकीय हाईस्कूल मधवनगर के प्रधानाचार्य चंदन कुमार पांडेय को जांच के लिए नामित किया है। प्रधानाचार्य पहली फरवरी को परीक्षा केंद्र की जांच की और वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित विद्यार्थियों से पूछताछ की। जांच के दौरान वीडियो में दिख रहे विद्यार्थी की पहचान की गई।
उत्तर लिखवाने के लिए पर्चियां इकट्ठा की थीं
पूछताछ में यह भी सामने आया कि वीडियो उसी दिन परीक्षा कक्ष में बनाया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 08 में कक्ष निरीक्षक ने उत्तर लिखवाने के लिए पर्चियां इकट्ठा की थीं। इसके बाद किसी छात्र ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात केंद्र व्यवस्थापक, आंतरिक सचल दल तथा कक्ष निरीक्षक की शिथिल निगरानी के कारण यह घटना संभव हो सकी और परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग से स्वीकृति प्राप्त की गई। इसके बाद मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर वाह्य केंद्र व्यवस्थापक मधुसूधन पासवान की तहरीर पर कोतवाली देहात में केंद्र व्यवस्थापक श्रवण कुमार शुक्ल को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
परीक्षा की व्यवस्था पर उठे सवाल, बढ़ी सतर्कता
इस पूरे मामले ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों को मोबाइल फोन ले जाने की सख्त मनाही होती है, इसके बावजूद परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा और वीडियो कैसे बनाया गया, यह बड़ा प्रश्न है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र पर तैनात निगरानी दल और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच कराई जा रही है। वहीं प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और कड़ाई बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। अन्य बिंदुओं की अभी जांच हो रही है।
