सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   In cases of cheating in board exams, the external center administrator is also under investigation

Balrampur News: बोर्ड परीक्षा में नकल के मामले में वाह्य केंद्र व्यवस्थापक भी जांच के घेरे में

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 09:49 PM IST
विज्ञापन
In cases of cheating in board exams, the external center administrator is also under investigation
बलरामपुर में ​स्थित डीआईओएस कार्यालय।-संवाद
विज्ञापन
बलरामपुर। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में नकल का वीडियो वायरल होने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पूरा प्रकरण कई नए सवाल खड़े कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि जिस परीक्षा केंद्र पर नकल रोकने के लिए तमाम इंतजाम किए गए थे, वहीं से नकल का वीडियो वायरल हो गया। इससे साफ है कि कागजों पर सख्ती और जमीनी ‘व्यवस्था’ दोनों अलग-अलग चल रही थीं। अब पुलिस हर बिंदु की पड़ताल में जुटी है।
Trending Videos

मामला पब्लिक सिटी मांटेसरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अगरहवा बोर्ड परीक्षा केंद्र का है। यहां नकल रोकने के लिए बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के रूप में मधुसूदन पासवान की तैनाती की गई थी। इतना ही नहीं, केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की पुष्टि के बाद ही विद्यालय को परीक्षा केंद्र की मंजूरी दी गई थी। लेकिन 27 फरवरी को हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान जो वीडियो सामने आया, उसने सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। वीडियो में कक्ष संख्या आठ में नकल कराए जाने के संकेत मिले। इसके बाद जांच हुई और कोतवाली देहात में केंद्र व्यवस्थापक श्रवण कुमार शुक्ल को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब सवाल यह है कि जब केंद्र पर बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, सीसीटीवी कैमरे और स्टैटिक मजिस्ट्रेट जैसी व्यवस्थाएं मौजूद थीं, तब भी नकल कैसे होती रही। आखिर निगरानी तब क्यों नहीं हुई, जब परीक्षा कक्ष में पर्चियाें से नकल हो रही थी? सबसे चौंकाने वाली बात यह भी है कि जांच फिलहाल केवल कक्ष संख्या आठ तक ही सीमित दिखाई दे रही है। जबकि उसी कक्ष में एक परीक्षार्थी मोबाइल फोन लेकर अंदर पहुंच गया और उसने वीडियो भी बना लिया।
बोर्ड परीक्षाओं में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित होते हैं, ऐसे में यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर मोबाइल परीक्षा कक्ष तक पहुंचा कैसे। सूत्रों का कहना है कि यदि एक छात्र मोबाइल लेकर कक्ष तक पहुंच सकता है तो केंद्र के गेट पर तलाशी की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। यही वजह है कि अब यह भी चर्चा है कि नकल केवल एक कक्ष तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे केंद्र पर सुनियोजित तरीके से चल रही थी। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के साथ ही कक्ष निरीक्षकों और अन्य अधिकारियों कर्मियों के नाम का पता किया जा रहा है।
नकल के बाद भी केंद्र में होती रही परीक्षा

एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि 27 फरवरी को ही नकल की सूचना सामने आने के बाद भी परीक्षा केंद्र को नहीं बदला गया। केवल केंद्र व्यवस्थापक को बदलकर मामला शांत करने की कोशिश की गई। बाद में तीन मार्च को एफआईआर दर्ज कराई गई। यहां सवाल यह है कि यदि मामला इतना गंभीर था तो तत्काल कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
की गई है कार्रवाई
नकल के मामले में कार्रवाई की गई है। अब इस मामले की पुलिस जांच हो रही है। विभाग काे भी रिपोर्ट भेज दी गई है। मामले को तूल देने की जरूरत नहीं है।
- मृदुला आनंद, डीआईआएस

पूरे मामले की गंभीरता से हो जांच
बोर्ड परीक्षा में नकल गंभीर मामला है। इसमें सभी जिम्मेदार अधिकारियों की जांच होनी चाहिए। इस तरह की नकल सिर्फ एक दिन का मामला नहीं हो सकता है। अन्य केंद्रों की भी छानबीन कराई जानी चाहिए। गेट से परीक्षा कक्ष तक के कर्मियों की जांच होनी चाहिए।
फतेह बहादुर सिंह, सेवानिवृत्त डीआईओएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed