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Balrampur News: फ्लड पीएसी ने ग्रामीणों को सिखाए बाढ़ से बचाव के तरीके
Mon, 03 Aug 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:18 PM IST
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फोटो-11-बलरामपुर के खजुरिया गांव में चौपाल में जानकारी देते जवान ।-स्रोत : विभाग
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बलरामपुर। बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील गांवों में लोगों को आपदा के प्रति जागरूक करने के लिए राहत चौपालों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। सोमवार को सदर तहसील के ग्राम खजुरिया में फ्लड पीएसी 30वीं वाहिनी, गोंडा की टीम ने बाढ़ राहत चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
फ्लड पीएसी के कंपनी मेजर कमला प्रसाद ने बताया कि मौसम विभाग या जिला प्रशासन की चेतावनी मिलते ही सूखा राशन, पीने का पानी, आवश्यक दवाएं, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रख लें। साथ ही बिजली का मेन स्विच बंद कर दें, गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोक दें तथा मवेशियों और कीमती सामान को पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।
उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर लगातार नजर रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। बाढ़ के दौरान केवल प्रशासन द्वारा चिह्नित राहत शिविरों या ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर ही जाने की सलाह दी गई। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
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आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा या जिला कंट्रोल रूम के नंबर 05263-1077 और 9170277336 पर संपर्क कर सहायता लेने की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बाढ़ के पानी में प्रवेश न करने, जर्जर एवं कच्चे मकानों में रहने से बचने तथा केवल उबला या क्लोरीनयुक्त पानी पीने की सलाह दी गई। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घर लौटने से पहले बिजली के तारों और मकान की स्थिति की अच्छी तरह जांच करने को कहा गया। बुखार, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने की सलाह भी दी गई।
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फ्लड पीएसी के कंपनी मेजर कमला प्रसाद ने बताया कि मौसम विभाग या जिला प्रशासन की चेतावनी मिलते ही सूखा राशन, पीने का पानी, आवश्यक दवाएं, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रख लें। साथ ही बिजली का मेन स्विच बंद कर दें, गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोक दें तथा मवेशियों और कीमती सामान को पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।
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उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर लगातार नजर रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। बाढ़ के दौरान केवल प्रशासन द्वारा चिह्नित राहत शिविरों या ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर ही जाने की सलाह दी गई। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
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आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा या जिला कंट्रोल रूम के नंबर 05263-1077 और 9170277336 पर संपर्क कर सहायता लेने की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बाढ़ के पानी में प्रवेश न करने, जर्जर एवं कच्चे मकानों में रहने से बचने तथा केवल उबला या क्लोरीनयुक्त पानी पीने की सलाह दी गई। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घर लौटने से पहले बिजली के तारों और मकान की स्थिति की अच्छी तरह जांच करने को कहा गया। बुखार, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने की सलाह भी दी गई।