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Balrampur News: गांव पहुंचकर डीएम ने परखी राजस्व वादों की हकीकत
Mon, 03 Aug 2026 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:17 PM IST
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फोटो-12-बलरामपुर के सेखुईकला का स्थलीय निरीक्षण करते डीएम व अन्य ।-स्रोत : विभाग
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बलरामपुर। राजस्व वादों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने सोमवार को विभिन्न गांवों का निरीक्षण कर लंबित मामलों की स्थलीय जांच की।
जिलाधिकारी ने तहसील सदर के ग्राम धुसाह में स्टांप शुल्क से जुड़े एक प्रकरण का मौके पर निरीक्षण किया। गाटा संख्या 292 से संबंधित पंजीकृत विक्रय विलेख में कम स्टांप शुल्क लगाए जाने के मामले में उन्होंने भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोग, अवस्थिति तथा संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया। इस दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता, एआईजी स्टांप, तहसीलदार सदर और संबंधित लेखपाल उपस्थित रहे।
इसके बाद जिलाधिकारी अपने न्यायालय में लंबित भूमि विवादों की जांच के लिए सेखुईकला और हसुवाडोल गांव पहुंचे। वहां उन्होंने दोनों पक्षों की मौजूदगी में भूमि की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
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जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय में लंबित मामलों के निस्तारण में केवल अभिलेखों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्थलीय जांच और वास्तविक स्थिति का भी परीक्षण करें, ताकि निष्पक्ष एवं समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित हो सके।
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जिलाधिकारी ने तहसील सदर के ग्राम धुसाह में स्टांप शुल्क से जुड़े एक प्रकरण का मौके पर निरीक्षण किया। गाटा संख्या 292 से संबंधित पंजीकृत विक्रय विलेख में कम स्टांप शुल्क लगाए जाने के मामले में उन्होंने भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोग, अवस्थिति तथा संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया। इस दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता, एआईजी स्टांप, तहसीलदार सदर और संबंधित लेखपाल उपस्थित रहे।
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इसके बाद जिलाधिकारी अपने न्यायालय में लंबित भूमि विवादों की जांच के लिए सेखुईकला और हसुवाडोल गांव पहुंचे। वहां उन्होंने दोनों पक्षों की मौजूदगी में भूमि की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
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जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय में लंबित मामलों के निस्तारण में केवल अभिलेखों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्थलीय जांच और वास्तविक स्थिति का भी परीक्षण करें, ताकि निष्पक्ष एवं समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित हो सके।