{"_id":"6a5fae40a7c038469b033e4b","slug":"homeopathic-hospital-starved-of-facilities-balrampur-news-c-99-1-brp1003-151973-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: सुविधाओं को तरस रहा होम्योपैथिक अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: सुविधाओं को तरस रहा होम्योपैथिक अस्पताल
Tue, 21 Jul 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:07 PM IST
विज्ञापन
फोटो-9-बलरामपुर के राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय तुलसीपुर परिसर में हुआ जलभराव ।-संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तुलसीपुर। नगर स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय वर्षों पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर में जलभराव और कमरों में सीलन की समस्या बनी रहती है। इससे मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का संचालन नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन में किया जा रहा है। भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
बारिश के बाद अस्पताल परिसर में जलभराव और कीचड़ होने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत होती है। दवा लेने आए रंजन यादव ने बताया कि अस्पताल तक जाने का रास्ता बेहद खराब है। मरीज आयशा खान ने कहा कि कीचड़ और जलभराव के कारण हमेशा फिसलने का खतरा बना रहता है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ता है।
विज्ञापन
बारिश के दौरान कमरों में सीलन की समस्या भी बनी रहती है। इससे दवाओं और अभिलेखों को सुरक्षित रखना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन जाता है।
चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार राव ने बताया कि रास्ते में जलभराव होने से मरीजों के साथ-साथ पूरे स्टाफ को प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
फार्मासिस्ट आनंद प्रकाश ने बताया कि भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। इसकी मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था की आवश्यकता है।
विज्ञापन
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का संचालन नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन में किया जा रहा है। भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
विज्ञापन
बारिश के बाद अस्पताल परिसर में जलभराव और कीचड़ होने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत होती है। दवा लेने आए रंजन यादव ने बताया कि अस्पताल तक जाने का रास्ता बेहद खराब है। मरीज आयशा खान ने कहा कि कीचड़ और जलभराव के कारण हमेशा फिसलने का खतरा बना रहता है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ता है।
विज्ञापन
बारिश के दौरान कमरों में सीलन की समस्या भी बनी रहती है। इससे दवाओं और अभिलेखों को सुरक्षित रखना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन जाता है।
चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार राव ने बताया कि रास्ते में जलभराव होने से मरीजों के साथ-साथ पूरे स्टाफ को प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
फार्मासिस्ट आनंद प्रकाश ने बताया कि भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। इसकी मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था की आवश्यकता है।