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Balrampur News: कतर-दुबई में रह रहे संदिग्धों के पासपोर्ट निरस्त करने की तैयारी
Tue, 21 Jul 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:07 PM IST
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बलरामपुर। भारत-नेपाल दोहरी नागरिकता कांड में जांच के साथ अब कार्रवाई की कवायद भी शुरु हो गई है। पुलिस ने अब ऐसे लोगों के भारतीय पासपोर्ट भी जांच के दायरे में ले लिए हैं, जो कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पहचान बनाकर कतर, दुबई समेत अन्य खाड़ी देशों में रह रहे हैं। उनके भारतीय पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके साथ ही उन पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी करने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार मामले में अब तक 27 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिन पर प्राथमिकी दर्ज है। विवेचना के दौरान पुलिस मतदाता सूची, आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और अन्य सरकारी अभिलेखों का मिलान कर रही है। जांच एजेंसियों के रडार पर ऐसे कई लोग हैं, जो वर्षों से कतर, दुबई और अन्य खाड़ी देशों में रहकर काम कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि उन्होंने भारतीय पासपोर्ट किस आधार पर बनवाया, आवेदन के समय कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए और क्या उन दस्तावेजों में गलत जानकारी या जालसाजी की गई थी।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि चिह्नित लोगों में कुछ लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं, जबकि कुछ ने नेपाल और भारत दोनों देशों में अपनी अलग-अलग पहचान बनाए रखी। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि विवेचना लगातार आगे बढ़ रही है और नए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। सभी सरकारी अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार मामले में अब तक 27 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिन पर प्राथमिकी दर्ज है। विवेचना के दौरान पुलिस मतदाता सूची, आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और अन्य सरकारी अभिलेखों का मिलान कर रही है। जांच एजेंसियों के रडार पर ऐसे कई लोग हैं, जो वर्षों से कतर, दुबई और अन्य खाड़ी देशों में रहकर काम कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि उन्होंने भारतीय पासपोर्ट किस आधार पर बनवाया, आवेदन के समय कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए और क्या उन दस्तावेजों में गलत जानकारी या जालसाजी की गई थी।
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पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि चिह्नित लोगों में कुछ लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं, जबकि कुछ ने नेपाल और भारत दोनों देशों में अपनी अलग-अलग पहचान बनाए रखी। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि विवेचना लगातार आगे बढ़ रही है और नए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। सभी सरकारी अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है।
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