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Balrampur News: मणिपुर साप्ताहिक बाजार बना छोटे किसानों व दुकानदारों की आजीविका का सहारा
Sun, 05 Jul 2026 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 05 Jul 2026 10:52 PM IST
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फोटो-12-बलरामपुर के मणिपुर बाजार में सामान खरीदते ग्रामीण ।-संवाद
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हरैया सतघरवा। भारत-नेपाल सीमा से सटे मणिपुर बाजार में प्रत्येक रविवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार स्थानीय छोटे किसानों और फुटकर दुकानदारों के लिए आजीविका का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस बाजार में किसान अपनी खेतों की ताजी उपज सीधे ग्राहकों तक पहुंचाकर उचित मूल्य प्राप्त करते हैं। वहीं सैकड़ों लोगों को रोजगार का अवसर भी मिलता है।
सब्जी विक्रेता दयाशंकर ने बताया कि उनके पास मात्र एक बीघा कृषि भूमि है, जिसमें वे हरी सब्जियों की खेती करते हैं। साप्ताहिक बाजार में अपनी उपज बेचकर ही उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। मिठाई विक्रेता जगदीश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे जलेबी, बताशा और लइया बनाकर बाजार में बेचते हैं। साप्ताहिक बाजार से होने वाली आय ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। वहीं चूड़ी विक्रेता करिश्मा ने बताया कि मणिपुर साप्ताहिक बाजार उनके लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर सप्ताह लगने वाले इस बाजार से अच्छी आमदनी हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च चलाने में सहायता मिलती है। संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी बर्तन की दुकान है, साप्ताहिक बाजार में बर्तन की अच्छी खासी बिक्री हो जाती है जिससे उन्हें घर बैठे रोजगार मिलता है।
भगौती, त्रिपुरारी, रमईराम, सुनैना, सुकराती आदि स्थानीय लोगों ने बताया कि मणिपुर में दैनिक जरूरतों का सामान उचित मूल्य पर मिल जाता है। यह साप्ताहिक बाजार न केवल सीमावर्ती क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है, बल्कि छोटे किसानों, कारीगरों और फुटकर व्यापारियों को भी आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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सब्जी विक्रेता दयाशंकर ने बताया कि उनके पास मात्र एक बीघा कृषि भूमि है, जिसमें वे हरी सब्जियों की खेती करते हैं। साप्ताहिक बाजार में अपनी उपज बेचकर ही उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। मिठाई विक्रेता जगदीश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे जलेबी, बताशा और लइया बनाकर बाजार में बेचते हैं। साप्ताहिक बाजार से होने वाली आय ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। वहीं चूड़ी विक्रेता करिश्मा ने बताया कि मणिपुर साप्ताहिक बाजार उनके लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर सप्ताह लगने वाले इस बाजार से अच्छी आमदनी हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च चलाने में सहायता मिलती है। संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी बर्तन की दुकान है, साप्ताहिक बाजार में बर्तन की अच्छी खासी बिक्री हो जाती है जिससे उन्हें घर बैठे रोजगार मिलता है।
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भगौती, त्रिपुरारी, रमईराम, सुनैना, सुकराती आदि स्थानीय लोगों ने बताया कि मणिपुर में दैनिक जरूरतों का सामान उचित मूल्य पर मिल जाता है। यह साप्ताहिक बाजार न केवल सीमावर्ती क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है, बल्कि छोटे किसानों, कारीगरों और फुटकर व्यापारियों को भी आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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