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Balrampur News: जिगना राजकीय इंटर कॉलेज में नए सत्र से पढ़ाई की तैयारी तेज
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 09 Apr 2026 10:49 PM IST
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श्रीदत्तगंज क्षेत्र के ग्राम जिगना में बना इंटर काॅलेज।
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श्रीदत्तगंज। क्षेत्र के ग्राम जिगना में तीन करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से बने राजकीय इंटर कॉलेज में नए शैक्षिक सत्र से पठन-पाठन शुरू करने की तैयारी जोरों पर है। भवन का हस्तांतरण शिक्षा विभाग को होने के बाद अब कॉलेज संचालन की अंतिम प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इससे आसपास के दर्जनों गांवों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉक योजना के तहत इस कॉलेज का निर्माण कराया गया है। भवन सौंपे जाने के बाद अब फर्नीचर, पेयजल, बिजली कनेक्शन और अन्य जरूरी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। साथ ही शिक्षकों की तैनाती और कक्षाओं के संचालन की विभागीय औपचारिकताएं भी अंतिम चरण में हैं।
अब तक क्षेत्र में राजकीय कॉलेज न होने के कारण छात्रों को पढ़ाई के लिए उतरौला या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। अधिक दूरी और परिवहन के अभाव में कई छात्र-छात्राएं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे। स्थानीय स्तर पर कॉलेज शुरू होने से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण राम प्रकाश, अभिलाख, बड़ेलाल पांडेय और शौकत अली ने कॉलेज के संचालन को क्षेत्र के शैक्षिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द शिक्षकों की तैनाती कर नियमित कक्षाएं शुरू कराने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों का समय और खर्च दोनों बच सके।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉक योजना के तहत इस कॉलेज का निर्माण कराया गया है। भवन सौंपे जाने के बाद अब फर्नीचर, पेयजल, बिजली कनेक्शन और अन्य जरूरी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। साथ ही शिक्षकों की तैनाती और कक्षाओं के संचालन की विभागीय औपचारिकताएं भी अंतिम चरण में हैं।
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अब तक क्षेत्र में राजकीय कॉलेज न होने के कारण छात्रों को पढ़ाई के लिए उतरौला या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। अधिक दूरी और परिवहन के अभाव में कई छात्र-छात्राएं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे। स्थानीय स्तर पर कॉलेज शुरू होने से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण राम प्रकाश, अभिलाख, बड़ेलाल पांडेय और शौकत अली ने कॉलेज के संचालन को क्षेत्र के शैक्षिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द शिक्षकों की तैनाती कर नियमित कक्षाएं शुरू कराने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों का समय और खर्च दोनों बच सके।