{"_id":"6a0b4ea517402328af09ef3d","slug":"send-your-children-to-school-education-will-change-the-future-balrampur-news-c-99-1-slko1018-148569-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: बच्चों को भेजिए स्कूल, शिक्षा बदलेगी भविष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: बच्चों को भेजिए स्कूल, शिक्षा बदलेगी भविष्य
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 18 May 2026 11:08 PM IST
विज्ञापन
फोटो-25-बलरामपुर में ईंट भट्ठे पर बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेेरित करते शिक्षक ।-स्रोत:
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बलरामपुर। परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सोमवार को कंपोजिट विद्यालय बसावन बनकट के सहायक अध्यापक सतीश सिंह प्रानपुर स्थित नरसिंह पाल यादव के ईंट भट्ठे पर पहुंचे और श्रमिक परिवारों को बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित किया।
सहायक अध्यापक ने वहां कार्य कर रहे श्रमिक हीरालाल, गुड्डू चौहान, अनिल चौहान और राजू चौहान से मुलाकात की। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को निशुल्क किताबें, यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन एवं छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और परिवार की गरीबी को दूर करने का सबसे बड़ा माध्यम है। शिक्षक ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि विद्यालय में बच्चों की शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी बच्चे के पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब भी उम्र के अनुसार उसका नामांकन कर दिया जाएगा। श्रमिकों ने शिक्षक की बातों से सहमति जताई। कहा कि कामकाज की व्यस्तता के कारण वह बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते थे, लेकिन अब जल्द ही उनका नामांकन कराएंगे।
Trending Videos
सहायक अध्यापक ने वहां कार्य कर रहे श्रमिक हीरालाल, गुड्डू चौहान, अनिल चौहान और राजू चौहान से मुलाकात की। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को निशुल्क किताबें, यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन एवं छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और परिवार की गरीबी को दूर करने का सबसे बड़ा माध्यम है। शिक्षक ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि विद्यालय में बच्चों की शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी बच्चे के पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब भी उम्र के अनुसार उसका नामांकन कर दिया जाएगा। श्रमिकों ने शिक्षक की बातों से सहमति जताई। कहा कि कामकाज की व्यस्तता के कारण वह बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते थे, लेकिन अब जल्द ही उनका नामांकन कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन