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Balrampur News: जिसका कराया अंतिम संस्कार, कुछ घंटे बाद वो जिंदा लौटा आया घर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 18 May 2026 11:13 PM IST
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फोटो-13-मुस्तफा
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उतरौला। पुलिस ने जिस शव को पटेल नगर निवासी लगभग 55 वर्षीय मुस्तफा का मानकर अंतिम संस्कार करा दिया था, वही मुस्तफा रविवार शाम को जिंदा घर लौट आए। इस घटना से पुलिस और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, लोग इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आखिर वह कौन था, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मुस्तफा मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और अक्सर घर से बिना बताए निकल जाते थे। कई दिनों से लापता मुस्तफा के परिवार को शनिवार को देवरिया मैनहा गांव के पास एक पांच-छह दिन पुराना क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना मिली।
ग्राम प्रधान पति राम सजन वर्मा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया।
शव की खराब स्थिति के कारण पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी लेकिन तभी वहां पहुंचे पटेल नगर निवासी शमीम अहमद ने इसे अपने भाई मुस्तफा का शव बताया। पुलिस ने इसी आधार पर पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। कुछ घंटे बाद मुस्तफा के जीवित घर लौटने पर परिवार दंग रह गया और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया कि अंतिम संस्कार किया गया शव मुस्तफा का नहीं था।
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प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि मृतक की मौत हार्ट अटैक से हुई थी और शव की सही पहचान के लिए फोटो आसपास के जिलों में भेजी गई है। सीओ उतरौला राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह शव की गलत पहचान का मामला प्रतीत होता है।
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मृत साबित हो चुके मुस्तफा को जिंदा साबित करने की चुनौती
घटना का एक अहम पहलू यह भी है कि पुलिस और अस्पताल की प्रक्रिया में मुस्तफा को मृत मान लिया गया था। पोस्टमार्टम से लेकर शव सुपुर्दगी तक की कार्रवाई उनके नाम पर हुई। अब सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित हो चुके व्यक्ति को दोबारा जीवित दर्ज कराने की प्रक्रिया भी चुनौती बन सकती है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि महदेइया रोड पर रहने वाले एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की मौत हुई थी। शव की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिजनों ने उसे मुस्तफा का शव बताया था। इसी आधार पर पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में मुस्तफा जीवित मिले हैं। मृतक की मौत हार्ट अटैक से हुई है और शव की सही पहचान के लिए आसपास के जिलों के थानों में फोटो भेजी गई है।
सीओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला शव की गलत पहचान का प्रतीत हो रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की दोबारा जांच कर रही है। शव की वास्तविक पहचान कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुस्तफा मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और अक्सर घर से बिना बताए निकल जाते थे। कई दिनों से लापता मुस्तफा के परिवार को शनिवार को देवरिया मैनहा गांव के पास एक पांच-छह दिन पुराना क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना मिली।
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ग्राम प्रधान पति राम सजन वर्मा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया।
शव की खराब स्थिति के कारण पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी लेकिन तभी वहां पहुंचे पटेल नगर निवासी शमीम अहमद ने इसे अपने भाई मुस्तफा का शव बताया। पुलिस ने इसी आधार पर पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। कुछ घंटे बाद मुस्तफा के जीवित घर लौटने पर परिवार दंग रह गया और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया कि अंतिम संस्कार किया गया शव मुस्तफा का नहीं था।
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मृत साबित हो चुके मुस्तफा को जिंदा साबित करने की चुनौती
घटना का एक अहम पहलू यह भी है कि पुलिस और अस्पताल की प्रक्रिया में मुस्तफा को मृत मान लिया गया था। पोस्टमार्टम से लेकर शव सुपुर्दगी तक की कार्रवाई उनके नाम पर हुई। अब सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित हो चुके व्यक्ति को दोबारा जीवित दर्ज कराने की प्रक्रिया भी चुनौती बन सकती है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि महदेइया रोड पर रहने वाले एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की मौत हुई थी। शव की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिजनों ने उसे मुस्तफा का शव बताया था। इसी आधार पर पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में मुस्तफा जीवित मिले हैं। मृतक की मौत हार्ट अटैक से हुई है और शव की सही पहचान के लिए आसपास के जिलों के थानों में फोटो भेजी गई है।
सीओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला शव की गलत पहचान का प्रतीत हो रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की दोबारा जांच कर रही है। शव की वास्तविक पहचान कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।