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Balrampur News: जिले ने ओढ़ी कोहरे की चादर, 6.8 डिग्री पहुंचा पारा
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बलरामपुर के गोंडा रोड पर घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर गुजरते लोग ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले में शनिवार सुबह शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। करीब 11 बजे तक कोहरा न छंटने से वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहन चालक बत्ती जलाकर आवागमन करते दिखे। कोहरा व बादल छाने से गलन बढ़ गई है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शनिवार तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। घने कोहरे के कारण जहां दृश्यता कम हो गई वहीं, सर्द हवा से ठिठुरन बढ़ गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से लोग ठिठुरते नजर आए। बस स्टेशन पर दिन में अलाव नहीं जल रहा था। यात्री सलमान व तेज प्रताप ने बताया कि इतनी ठंड है, अलाव जलवाना चाहिए। वीर विनय चौराहे पर रात में अलाव जल रहा था लेकिन सुबह लकड़ी बुझ चुकी थी। कुछ रिक्शा चालक लकड़ी जलाने में जुटे थे।
भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर न होने से हादसे का खतरा
पेहर बाजार। उतरौला क्षेत्र में बिना रिफ्लेक्टर टेप भारी वाहनों के गुजरने से घने कोहरे में हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्र के सलीम, राधेश्याम, घनश्याम व कल्लन ने बताया कि कोहरे में दृश्यता कम होने से हादसे का डर रहता है। इस समय गन्ना लदे ट्रक, ट्रॉला व ट्राॅली रात-दिन गुजरते हैं। यदि सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लग जाए तो दुर्घटना से बचा जा सकता है।
कल से राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बलरामपुर व आसपास के क्षेत्रों में 11 जनवरी से कोहरे में कमी आएगी। तापमान में वृद्धि होने से ठंड में कमी आ सकती है। जिला आपदा प्रबंधक अरुण सिंह ने बताया कि वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण कोहरे की परत जल्दी छटने से दिन के तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है। मौसम शुष्क रहेगा और कोहरे के घनत्व में कमी आएगी।
हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के लिए रखें सावधानी
जिला मेमोरियल अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. अभय प्रजापति ने बताया कि सर्दियों में तापमान कम होने से शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्तचाप बढ़ने की संभावना रहती है। रक्त वाहिका सिकुड़ने के कारण रक्त संचरण प्रभावित होता है, इससे अचानक हृदयाघात व बेहोशी की समस्या हो सकती है। वरिष्ठ नागरिकों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह व हृदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों में खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सक ने बताया कि इससे बचने के लिए शरीर को ठंड से बचाना चाहिए। सिर, सीने व पैरों को बाहर निकलते समय ढककर रखें। रक्तचाप की नियमित जांच कराना बहुत जरूरी है। गुनगुने पानी का उपयोग करें और नमक व तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। यदि सीने में दर्द हो, चक्कर आए, एक तरफ हाथ-पैर सुन्न हो, बोलने में समस्या और अचानक कमजोरी महसूस हो तो हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
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शनिवार तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। घने कोहरे के कारण जहां दृश्यता कम हो गई वहीं, सर्द हवा से ठिठुरन बढ़ गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से लोग ठिठुरते नजर आए। बस स्टेशन पर दिन में अलाव नहीं जल रहा था। यात्री सलमान व तेज प्रताप ने बताया कि इतनी ठंड है, अलाव जलवाना चाहिए। वीर विनय चौराहे पर रात में अलाव जल रहा था लेकिन सुबह लकड़ी बुझ चुकी थी। कुछ रिक्शा चालक लकड़ी जलाने में जुटे थे।
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भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर न होने से हादसे का खतरा
पेहर बाजार। उतरौला क्षेत्र में बिना रिफ्लेक्टर टेप भारी वाहनों के गुजरने से घने कोहरे में हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्र के सलीम, राधेश्याम, घनश्याम व कल्लन ने बताया कि कोहरे में दृश्यता कम होने से हादसे का डर रहता है। इस समय गन्ना लदे ट्रक, ट्रॉला व ट्राॅली रात-दिन गुजरते हैं। यदि सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लग जाए तो दुर्घटना से बचा जा सकता है।
कल से राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बलरामपुर व आसपास के क्षेत्रों में 11 जनवरी से कोहरे में कमी आएगी। तापमान में वृद्धि होने से ठंड में कमी आ सकती है। जिला आपदा प्रबंधक अरुण सिंह ने बताया कि वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण कोहरे की परत जल्दी छटने से दिन के तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है। मौसम शुष्क रहेगा और कोहरे के घनत्व में कमी आएगी।
हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के लिए रखें सावधानी
जिला मेमोरियल अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. अभय प्रजापति ने बताया कि सर्दियों में तापमान कम होने से शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्तचाप बढ़ने की संभावना रहती है। रक्त वाहिका सिकुड़ने के कारण रक्त संचरण प्रभावित होता है, इससे अचानक हृदयाघात व बेहोशी की समस्या हो सकती है। वरिष्ठ नागरिकों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह व हृदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों में खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सक ने बताया कि इससे बचने के लिए शरीर को ठंड से बचाना चाहिए। सिर, सीने व पैरों को बाहर निकलते समय ढककर रखें। रक्तचाप की नियमित जांच कराना बहुत जरूरी है। गुनगुने पानी का उपयोग करें और नमक व तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। यदि सीने में दर्द हो, चक्कर आए, एक तरफ हाथ-पैर सुन्न हो, बोलने में समस्या और अचानक कमजोरी महसूस हो तो हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए।