{"_id":"69e7d4e59728a1de210cc1f1","slug":"earth-is-sizzling-like-a-pan-at-44-degrees-with-nine-more-to-go-banda-news-c-212-1-sknp1006-144990-2026-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: तवे की तरह 44 डिग्री पर तपी धरती, अभी नौ तपा बाकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: तवे की तरह 44 डिग्री पर तपी धरती, अभी नौ तपा बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
फोटो - 15 कलेक्ट्रेट में लगे आरओ के नल से पानी निकालने का प्रयास करतीं महिला फरियादी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बांदा। अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में पारा तमतमा रहा है। मंगलवार को भी अधिकतम तापमान 44.1 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री आंका गया। पिछले पांच सालों के तापमान के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2022 में अप्रैल माह सबसे गर्म रहा था। वर्ष 2022 में अप्रैल माह का औसत तापमान 43.8 और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। वर्ष 2026 में अप्रैल माह में वर्ष 2022 का औसत तापमान का रिकॉर्ड टूट गया है। पिछले दिनों अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री तक दर्ज किया गया है। वहीं, 44 डिग्री से इस तापमान पर धरती तवे की तरह तप रही है। जबकि अभी नौ तपा आने में समय है और गर्म हवाओं ने लोगों का निकलना मुश्किल कर दिया है।
21 अप्रैल दिन मंगलवार को सुबह 11 बजे से पारा बढ़ना शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक यह तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया। शाम करीब पांच बजे मंगलवार का तापमान 43.5 डिग्री दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे। छात्राएं भी छाता या दुपट्टे से सिर और चेहरा बांधकर समूह में चलती नजर आईं। मौसमी फल खीरा-ककड़ी की ठिलियों में लोग गर्मी शांत करते दिखाई दिए। हवा में नमी का स्तर 30 प्रतिशत तक नीचे गिरने से लू का खासा असर रहा।
गत पांच सालों में माह अप्रैल का औसत तापमान एक नजर में
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2021 41 24.1
2022 43.8 26.3
2023 39.7 22
2024 40.9 27.4
2025 40.1 24.9
तपिश बिगाड़ रही सेहत, डायरिया ने पकड़ा जोर
बांदा। भीषण तपिश लोगों की सेहत खराब कर रही है। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन 30 से 35 मरीज डायरिया के भर्ती किए जा रहे हैं। आम दिनों की अपेक्षा यह संख्या बढ़कर तीन गुनी हो गई है। डॉक्टर भी मरीजों से तेज धूप में घर से बाहर निकलने के लिए मना कर रहे हैं। मंगलवार को यहां डायरिया से कहला गांव की मिंता (50), भूरागढ़ की विभा (25), कटरा की सोना (9), कैलाश पुरी के जगतराम मिश्रा (50), कनवारा गांव के रामबाबू (50), अलिहा गांव की रागिनी (16) समेत 35 लोगों को भर्ती कराया गया। ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. विनीत सचान ने बताया कि गर्मी से डायरिया के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में खाली पेट न रहें। तीन से चार बार दस्त आने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवा करें।
गर्मी से बचाव के लिए प्रमुख उपाय
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना आवश्यक है। इसके अलावा, नारियल पानी, लस्सी, नींबू पानी और आम पन्ना जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
गर्मी में पेट को हल्का रखने के लिए सुपाच्य भोजन करना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और पुदीना। ये फल और सब्जियां न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि आवश्यक विटामिन और खनिज भी प्रदान करते हैं।
बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें। ये कपड़े हवा को आसानी से गुजरने देते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। दोपहर में अगर घर से निकलना पड़े तो पानी की बोतल साथ लेकर निकलें।
Trending Videos
21 अप्रैल दिन मंगलवार को सुबह 11 बजे से पारा बढ़ना शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक यह तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया। शाम करीब पांच बजे मंगलवार का तापमान 43.5 डिग्री दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे। छात्राएं भी छाता या दुपट्टे से सिर और चेहरा बांधकर समूह में चलती नजर आईं। मौसमी फल खीरा-ककड़ी की ठिलियों में लोग गर्मी शांत करते दिखाई दिए। हवा में नमी का स्तर 30 प्रतिशत तक नीचे गिरने से लू का खासा असर रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गत पांच सालों में माह अप्रैल का औसत तापमान एक नजर में
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2021 41 24.1
2022 43.8 26.3
2023 39.7 22
2024 40.9 27.4
2025 40.1 24.9
तपिश बिगाड़ रही सेहत, डायरिया ने पकड़ा जोर
बांदा। भीषण तपिश लोगों की सेहत खराब कर रही है। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन 30 से 35 मरीज डायरिया के भर्ती किए जा रहे हैं। आम दिनों की अपेक्षा यह संख्या बढ़कर तीन गुनी हो गई है। डॉक्टर भी मरीजों से तेज धूप में घर से बाहर निकलने के लिए मना कर रहे हैं। मंगलवार को यहां डायरिया से कहला गांव की मिंता (50), भूरागढ़ की विभा (25), कटरा की सोना (9), कैलाश पुरी के जगतराम मिश्रा (50), कनवारा गांव के रामबाबू (50), अलिहा गांव की रागिनी (16) समेत 35 लोगों को भर्ती कराया गया। ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. विनीत सचान ने बताया कि गर्मी से डायरिया के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में खाली पेट न रहें। तीन से चार बार दस्त आने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवा करें।
गर्मी से बचाव के लिए प्रमुख उपाय
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना आवश्यक है। इसके अलावा, नारियल पानी, लस्सी, नींबू पानी और आम पन्ना जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
गर्मी में पेट को हल्का रखने के लिए सुपाच्य भोजन करना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और पुदीना। ये फल और सब्जियां न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि आवश्यक विटामिन और खनिज भी प्रदान करते हैं।
बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें। ये कपड़े हवा को आसानी से गुजरने देते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। दोपहर में अगर घर से निकलना पड़े तो पानी की बोतल साथ लेकर निकलें।

फोटो - 15 कलेक्ट्रेट में लगे आरओ के नल से पानी निकालने का प्रयास करतीं महिला फरियादी। संवाद

फोटो - 15 कलेक्ट्रेट में लगे आरओ के नल से पानी निकालने का प्रयास करतीं महिला फरियादी। संवाद

कमेंट
कमेंट X