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Banda News: 22 लाख रुपये के गबन का खुलासा, सचिव निलंबित, इंजीनियर की सेवा समाप्ति की संस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:54 AM IST
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बांदा। मॉडल ग्राम पंचायत बबेरू ग्रामीण में स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवंटित धनराशि में लगभग 22 लाख रुपये के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस मामले में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है, जबकि विकास कार्यों की ठेकेदारी करने वाले कंसल्टिंग इंजीनियर की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की गई है। प्रधान को भी पंचायत राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है।
उप निदेशक पंचायत परवेज आलम खां ने सीडीओ को भेजे गए पत्र में कहा कि मॉडल ग्राम पंचायत बबेरू ग्रामीण को वर्ष 2022-23 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1 करोड़ 22 लाख 49 हजार 163 रुपये की धनराशि जारी की गई थी। उप निदेशक पंचायत द्वारा किए गए सत्यापन में पाया गया कि 81 लाख 81 हजार 190 रुपये की धनराशि का व्यय विवरण ही उपलब्ध है, जबकि खाते में 17 लाख 92 हजार 827 रुपये शेष हैं। इसके बावजूद, लगभग 22 लाख 75 हजार 146 रुपये का कोई लेखा-जोखा ग्राम पंचायत में उपलब्ध नहीं है, जिसका मनमाने तरीके से दुरुपयोग किया गया है।
यह गबन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अरविंद कुमार के कार्यकाल (सितंबर 2023 से 13 फरवरी 2026 तक) के दौरान हुआ है। आरोप है कि प्रधान और सचिव ने मिलकर व्यक्तिगत लाभ के लिए पांच विशिष्ट व्यक्तियों के खातों में एक लाख से अधिक, कुल 10.74 लाख रुपये की धनराशि भेजकर बंदरबांट कर ली। मामले का एक और गंभीर पहलू यह है कि कंसल्टिंग इंजीनियर अनिल सिंह पर विकास कार्यों में खुद ठेकेदारी करने का आरोप है।
सरकारी सेवा में रहते हुए ठेकेदारी करना नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की गई है। इधर, स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए विकास कार्य आधे-अधूरे पड़े हैं और जर्जर अवस्था में हैं। इसके कारण ग्रामीणों को इन विकास कार्यों का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
इस मामले में डीडी पंचायत ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अरविंद कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रधान को पंचायत राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब मांगा जाएगा। वहीं, कंसल्टिंग इंजीनियर अनिल सिंह की सेवाएं समाप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को संस्तुति भेजी गई है। इस पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। वहीं सीडीओ अजय कुमार पांडेय ने बताया कि पत्र होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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उप निदेशक पंचायत परवेज आलम खां ने सीडीओ को भेजे गए पत्र में कहा कि मॉडल ग्राम पंचायत बबेरू ग्रामीण को वर्ष 2022-23 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1 करोड़ 22 लाख 49 हजार 163 रुपये की धनराशि जारी की गई थी। उप निदेशक पंचायत द्वारा किए गए सत्यापन में पाया गया कि 81 लाख 81 हजार 190 रुपये की धनराशि का व्यय विवरण ही उपलब्ध है, जबकि खाते में 17 लाख 92 हजार 827 रुपये शेष हैं। इसके बावजूद, लगभग 22 लाख 75 हजार 146 रुपये का कोई लेखा-जोखा ग्राम पंचायत में उपलब्ध नहीं है, जिसका मनमाने तरीके से दुरुपयोग किया गया है।
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यह गबन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अरविंद कुमार के कार्यकाल (सितंबर 2023 से 13 फरवरी 2026 तक) के दौरान हुआ है। आरोप है कि प्रधान और सचिव ने मिलकर व्यक्तिगत लाभ के लिए पांच विशिष्ट व्यक्तियों के खातों में एक लाख से अधिक, कुल 10.74 लाख रुपये की धनराशि भेजकर बंदरबांट कर ली। मामले का एक और गंभीर पहलू यह है कि कंसल्टिंग इंजीनियर अनिल सिंह पर विकास कार्यों में खुद ठेकेदारी करने का आरोप है।
सरकारी सेवा में रहते हुए ठेकेदारी करना नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की गई है। इधर, स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए विकास कार्य आधे-अधूरे पड़े हैं और जर्जर अवस्था में हैं। इसके कारण ग्रामीणों को इन विकास कार्यों का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
इस मामले में डीडी पंचायत ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अरविंद कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रधान को पंचायत राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब मांगा जाएगा। वहीं, कंसल्टिंग इंजीनियर अनिल सिंह की सेवाएं समाप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को संस्तुति भेजी गई है। इस पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। वहीं सीडीओ अजय कुमार पांडेय ने बताया कि पत्र होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।