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Banda News: कोर्ट के आदेश पर पूर्व तहसीलदार व ब्लॉक प्रमुख तिंदवारी पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:55 AM IST
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बांदा। कोर्ट के आदेश पर जमीन का बैनामा-दाखिल खारिज विवाद में पूर्व तहसीलदार और तिंदवारी ब्लॉक प्रमुख दीप शिखा सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला तिंदवारी थाना क्षेत्र के ग्राम जौहरपुर का है, जहां प्रार्थी रामजीत सिंह ने फर्जीवाड़ा और साजिश कर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है।
प्रार्थी का कहना है कि पहले से बिकी जमीन का दोबारा बैनामा कराकर गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद बिना सुनवाई के आदेश पारित कर दिया गया और प्रभाव का इस्तेमाल कर पूरे मामले को अपने पक्ष में कर लिया गया। वहीं ब्लॉक प्रमुख दीप शिखा सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बदनाम करने की साजिश बताया।
उन्होंने कहा कि जमीन वर्ष 2023-24 में वैध तरीके से खरीदी गई थी। दाखिल-खारिज प्रक्रिया के दौरान रामजीत सिंह ने आपत्ति तो दी, लेकिन एक वर्ष तक कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समझौते के नाम पर सौदेबाजी का प्रयास किया गया, जिसे न मानने पर कोर्ट का सहारा लिया गया।
वहीं पूर्व तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने कहा कि दाखिल-खारिज पूरी तरह अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तहसीलदार को बैनामा कराने का अधिकार नहीं होता, ऐसे में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है।
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प्रार्थी का कहना है कि पहले से बिकी जमीन का दोबारा बैनामा कराकर गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद बिना सुनवाई के आदेश पारित कर दिया गया और प्रभाव का इस्तेमाल कर पूरे मामले को अपने पक्ष में कर लिया गया। वहीं ब्लॉक प्रमुख दीप शिखा सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बदनाम करने की साजिश बताया।
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उन्होंने कहा कि जमीन वर्ष 2023-24 में वैध तरीके से खरीदी गई थी। दाखिल-खारिज प्रक्रिया के दौरान रामजीत सिंह ने आपत्ति तो दी, लेकिन एक वर्ष तक कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समझौते के नाम पर सौदेबाजी का प्रयास किया गया, जिसे न मानने पर कोर्ट का सहारा लिया गया।
वहीं पूर्व तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने कहा कि दाखिल-खारिज पूरी तरह अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तहसीलदार को बैनामा कराने का अधिकार नहीं होता, ऐसे में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है।