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Banda News: चकबंदी की मांगें पूरी न हुईं तो तीन अगस्त से निदेशालय में धरना देंगे किसान
Thu, 23 Jul 2026 11:21 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:21 PM IST
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बांदा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने चकबंदी विभाग पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। चेतावनी दी है कि यदि दो अगस्त तक अधिकारियों के आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ तो तीन अगस्त से लखनऊ स्थित चकबंदी निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
सदर तहसील अध्यक्ष रोहित द्विवेदी ने ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम लोहरा और अमलीकौर में चक सीमांकन का कार्य पूरा हुए बिना ही शासन को रिपोर्ट भेज दी गई। जबकि किसान अभी भी अपनी मूल जोत पर काबिज हैं और कई वाद लंबित हैं।
कहा कि लोहरा, अमलीकौर, सिलेहटा, खप्टिहा खुर्द, बहिंगा और महबरा गांवों में चकबंदी से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर की जा रही हैं। कई बार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चकबंदी आयुक्त और मंडलायुक्त से शिकायतें हुईं। जांच समितियां भी गठित की गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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भाकियू ने बताया कि इन मांगों को लेकर 16 जून से धरना और बाद में आमरण अनशन किया गया था। 15 जुलाई को चकबंदी निदेशालय के प्रतिनिधियों ने तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। संगठन का आरोप है कि आज तक न तो दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और न ही जांच पूरी कराई गई।
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सदर तहसील अध्यक्ष रोहित द्विवेदी ने ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम लोहरा और अमलीकौर में चक सीमांकन का कार्य पूरा हुए बिना ही शासन को रिपोर्ट भेज दी गई। जबकि किसान अभी भी अपनी मूल जोत पर काबिज हैं और कई वाद लंबित हैं।
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कहा कि लोहरा, अमलीकौर, सिलेहटा, खप्टिहा खुर्द, बहिंगा और महबरा गांवों में चकबंदी से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर की जा रही हैं। कई बार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चकबंदी आयुक्त और मंडलायुक्त से शिकायतें हुईं। जांच समितियां भी गठित की गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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भाकियू ने बताया कि इन मांगों को लेकर 16 जून से धरना और बाद में आमरण अनशन किया गया था। 15 जुलाई को चकबंदी निदेशालय के प्रतिनिधियों ने तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। संगठन का आरोप है कि आज तक न तो दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और न ही जांच पूरी कराई गई।